Migraine Disease in Hindi : माइग्रेन के लक्षण, कारण, परीक्षण, परहेज और बचाव के उपाय

आधा सिर दर्द / माइग्रेन (Migraine) के लक्षण

What is Migraine in Hindi : माइग्रेन सिर दर्द से जुडी एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसका दर्द केवल वही जानता है, जो इस बीमारी से जूझ रहा है| सबसे हैरानी की बात ये है, माइग्रेन के लक्षण की जानकारी ना होने के कारण  माइग्रेन की बीमारी आज तेजी से हमारे देश में फैलती जा रही है, और इस बीमारी का न्यौता हम खुद अपने शरीर को देते है| इस माइग्रेन की शुरुआत सामान्य सिर दर्द से होती है, जिसे लोग हल्के में लेते है, और पैन किलर खाकर अपने शरीर को आराम देते है| (ये भी पढ़े – माइग्रेन के लिए योगा)

Migraine Disease in Hindi

ऐसे में ये बीमारी हमारे शरीर में अपना डेरा डाल लेती है| सिर दर्द को हल्के में लेने की गलती केवल अनपढ़ ही नहीं पढ़े लिखे लोग भी करते है| जागरूकता की कमी इसे रोग का मुख्य कारण है| इस पोस्ट में हम आपको माइग्रेन के लक्षण, माइग्रेन के कारण, माइग्रेन से बचाव, माइग्रेन का परिक्षण कैसे करे और माइग्रेनकी दवा के बारे में जानकारी देंगे|

माइग्रेन (What is Migraine Disease in Hindi)

माइग्रेन की समस्या होने पर सिर में रुक रुक कर बार बार दर्द होता है| ऐसा होना एक प्रकार का न्यूरो वैस्कुलर विकार (Neuro Vascular Disorder) विकार है| माइग्रेन के समय मस्तिष्क की किर्याविधि की जानकारी नहीं हो पाती, इसीलिए ऐसा मानते है, कि इस समय व्यक्ति के दिमाग में रक्त संचार तेज हो जाता है| रक्त संचार तेज होने के कारण ही व्यक्ति के दिमाग में तेज दर्द होने लगता है| जैसे जैसे रक्त संचार कम होता है, दर्द कम हो जाता है और जैसे जैसे रक्त संचार बढ़ता है, वैसे वैसे दर्द बढ़ जाता है|

What is Migraine Disease in Hindi

माइग्रेन का दर्द कहाँ होता है (Migraine Pain Location in Hindi)

माइग्रेन एक प्रकार का सिर दर्द ही है| माइग्रेन में दर्द सिर के एक हिस्से, सिर के दोनों हिस्से, सिर के बीच में और कभी कभी सिर के पीछे भी होने लगता है| यह दर्द सामान्य सर दर्द की तुलना में बहुत तीव्र होता है| माइग्रेन का दर्द 2 से 72 घंटो तक बना रह सकता है| यह दर्द कई बार हफ्तों, महीनो या सालो के अंतराल में कई बार उठता है| पुरुषो और महिलाओं की बात की जाये तो, माइग्रेन का दर्द या समस्या पुरुषो की तुलना में महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है|

Migraine Pain Location in Hindi

माइग्रेन का अटैक आपको कभी भी पड़ सकता है, लेकिन अधिकतर यह बीमारी किशोर अवस्था में होती है| रजोनिवृत्ति और गर्भावस्था के दौरान अधिकतर महिलाओं में माइग्रेन होने का खतरा नहीं होता| माइग्रेन का दर्द शुरुआत में कम होता है, जिसके कारण लोग इसे सामान्य सर दर्द समझकर पैन किलर ले लेते है, लेकिन कई बार इसका शुरूआती झटका भी बहुत खतरनाक होता है| माइग्रेन की बीमारी अधिकतर अनुवांशिक होती है, अर्थात अगर आपके परिवार में कोई भी इस बीमारी से ग्रस्त रहा है, तो आपको इस बीमारी के होने का चांस बढ़ जाता है| माइग्रेन के बारे में अधिकतर लोगो को काफी देर से पता चलता है, क्योंकि शुरुआत में माइग्रेन सर दर्द जैसे होते है|

माइग्रेन के लक्षण (Migraine Symptoms in Hindi)

1. माइग्रेन का दर्द अधिकतर सिर के एक हिस्से होता है और यह माइग्रेन का सबसे पहला और मुख्य लक्षण है|

2. माइग्रेन का दर्द होने पर कई बार लोगो को कई बार चॉकलेट खाने का मन अधिक करता है|

3. अगर आपको सर दर्द के साथ मतली और उल्टी जैसी समस्या हो रही है, तो माइग्रेन का चेकअप जरूर कराये| यह भी माइग्रेन का ही लक्षण है|

4. सिर दर्द के साथ अगर आपको उबासी आ रही है, तो डॉक्टर से मिले, क्योंकि ये माइग्रेन का लक्षण हो सकता है|

Migraine Symptoms in Hindi

5. माइग्रेन का दर्द होने पर मरीज को शारीरिक रूप से बहुत थकान का अनुभव होता है|

6. माइग्रेन से ग्रसित लोगो को नींद अच्छी नहीं आती और कभी कभी आती ही नहीं|

7. वजन घटाने का कोई भी प्रयास किये बिना ही अगर आपका वजन दो महीने में पांच किलो से कम हो गया है, तो यह भी माइग्रेन की निशानी है|

8. माइग्रेन से ग्रस्त लोग गंध, ध्वनि और प्रकाश के प्रति दूसरे लोगो की तुलना में अति सवेंदनशील हो सकते है|

9. माइग्रेन का दर्द होने पर मरीज का मूड तेजी से बदलने लगता है, कुछ लोग अचानक गुस्सा करने लगते है तो कुछ लोग दुसरो को उत्साहित करने लगते है|

10. माइग्रेन के कारण होने वाले सर दर्द से पीड़ित लोगो को अधिकतर मतली, उल्टी और आँखों में दर्द होने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है|

11. माइग्रेन से पीड़ित लोग अपने दैनिक कार्यो को भी सामान्य तरीके से नहीं कर पाते|

12. अगर आपको बार बार पेशाब आ रहा है, या पेशाब करने की इच्छा हो रही है, तो यह भी माइग्रेन का लक्षण / Migraine Symptoms है|

13. माइग्रेन पीड़ित रोगियों को ऑरा का अनुभव होता है| सुई चुभने जैसा लगता है और कई बार उन्हें खुद में संवेदना की अस्थायी कमी महसूस होने लगती है|

14. माइग्रेन का दर्द होने पर आँखों में तेज दर्द होता है और पलके झपकाने में भी आँखों में जलन का अहसास होता है|

15. माइग्रेन पीड़ित लोगो को कुछ चीजे खाने का मन अधिक करने लगता है|

16. अगर बिना किसी कारण आपको पूरा दिन जम्‍हाई आ रही है, तो यह भी माइग्रेन का लक्षण है|

17. माइग्रेन से पीड़ित लोगो में साइनस के लक्षण भी नजर आने लगते है| कई बार सिर दर्द अधिक होने के कारण नाक जाम हो जाती है, और आँखों से पानी निकलने लगता है|

18. माइग्रेन का दर्द भयंकर होने पर गर्दन भी दुखने लगती है|

माइग्रेन दर्द के कारण (Reason of Migraine Pain in Hindi)

1. तनाव माइग्रेन के दर्द का सबसे बढ़ा कारण है| अगर हम तनाव में रहते है, तो इसका हमारे . मस्तिष्क पर सीधा असर पड़ता है| तनाव की अवस्था में कई बार मस्तिष्क ऐसे पदार्थो को पैदा कर देता है, जो माइग्रेन के दर्द का कारण बन सकते है|

2. वातावरण में होने वाला बदलाब भी माइग्रेन का कारण है| बहुत अधिक शोर और प्रकाश के कारण भी कई बार माइग्रेन का खतरा पैदा हो जाता है|

Reason of Migraine Pain in Hindi

3. अगर आप लम्बे समय तक म्यूजिक सुनने के शौकीन है, तो ये आदत अभी बदल डाले, क्योंकि लम्बे समय तक लगातार म्यूजिक सुनने से माइग्रेन हो सकता है, और यह दर्द 72 घंटो तक होता है|

4. रिएक्टिव हाइपोग्लाइसीमिया (Reactive Hypoglycemia) भी माइग्रेन के दर्द का बड़ा कारण है|

5. अधिक समय तक दिन रात शारीरिक परिश्रम करने या पढ़ने से भी माइग्रेन हो सकता है|

6. अगर आप कैफीन के अधिक शौकीन है और अचानक अपनी इस आदत को बदल दे, तब भी आप माइग्रेन जैसे खतरनाक रोग का शिकार हो सकते है| कैफीन अचानक लेना बंद कर देना भी इस रोग को जन्म देता है|

7. पर्याप्त नींद ना लेना या फिर बहुत अधिक नींद लेना भी माइग्रेन का कारण हो सकता है|

8. शराब और धूम्रपान जैसी नशीली चीजों का सेवन माइग्रेन दर्द होने का बड़ा कारण बन सकता है|

9. माइग्रेन का दर्द आपके आहार से बहुत जुड़ा हुआ है, अगर आपको बहुत अधिक मीठा खाते हो या फिर अधिक गर्म और मसालेदार भोजन करते हो, तो आपको माइग्रेन होने का खतरा बढ़ जाता है|

10. घंटो तक भूखे पेट रहने के कारण पेट में गैस बनने लगती है| जिसके कारण आपके सर में दर्द होने लगता है, धीरे धीरे यही दर्द माइग्रेन के दर्द में परिवर्तित हो जाता है|

11. राजिवृति, मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में अनेक प्रकार के हार्मोनल परिवर्तन होते है, ये परिवर्तन माइग्रेन के दर्द का कारण बन जाते है| इसी कारण से महिलाओं में पुरुषो की तुलना में माइग्रेन होने के चांस अधिक होते है|

12. तापमान में आया अचानक बदलाव जैसे अधिक सर्दी और अधिक गर्मी भी माइग्रेन का कारण हो सकता है|

माइग्रेन का परीक्षण (MIgraine Diagnosis in Hindi)

अगर आपको ऊपर दिए गए माइग्रेन के लक्षणों में से कोई भी लक्षण अपने आप में नजर आ रहा है, या आपके परिवार में किसी को भी माइग्रेन की समस्या रही है, तो आपको डॉक्टर से मिलकर एक बार माइग्रेन का परीक्षण जरूर करा लेना चाहिए| ऐसे करने से आप समय से इस बीमारी का पता लगा पाएंगे, जिससे आपको इस बीमारी से बचने और इसका इलाज कराने में मदद मिलेगी| नीचे हम कुछ परीक्षण के बारे में आपको जानकारी दे रहे है, इन परीक्षण के बाद आपको यह पता चल जायेगा कि आप माइग्रेन से ग्रस्त है या नहीं ?

MIgraine Diagnosis in Hindi

रक्‍त जांच (Blood Test) – माइग्रेन का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपके खून की जाँच करा सकते है| खून की जाँच करने से रक्‍तवाहिनियों से जुडी सभी समस्‍याओं का आसानी से पता लग जाता है| खून की जाँच से आपके मस्तिष्‍क और स्‍पाइनल कोड वाली अन्य समस्‍याओं के बारे में भी पता लगाने में थोड़ी आसानी होती है| खून की जाँच कराने से आपके शरीर में मौजूद विषैले तत्वों का पता लग जाता है|

स्‍पाइनल टैप (Spinal Tap) – अगर डॉक्टर को ऐसा लगता है, कि आपके सिर में दर्द होने का कारण मस्तिष्‍क में रक्‍तस्राव या मस्तिष्‍क का संक्रमण हो सकता है, तो इस अवस्था में डॉक्टर आपको स्‍पाइनल टैप जाँच कराने की सलाह देंगे| स्‍पाइनल टैप में एक पतली सुई को आपकी रीढ़ की हड्डी के अस्थिखण्‍ड कशेरुका में डाला जाता है| इस सुई से एक सैम्पल निकाला जाता है और यह सैम्पल जाँच के लिए लेब में भेजा जाता है|

सीटी स्‍कैन (CT Scan) – सीटी स्‍कैन को कंप्‍यूटराइज टोमोग्राफी भी कहते है| इसमें एक्‍स-रे किरणों की श्रृंखला के माध्यम से मस्तिष्‍क की एक पिक्चर तैयार की जाती है| इससे डॉक्टर को मस्तिष्‍क में होने वाले संक्रमण, ट्यूमर, मस्तिष्‍क बहने और मस्तिष्‍क को किस प्रकार की और कितनी हानि हुयी है, इस सभी के बारे में जानकारी मिल जाती है| सीटी स्‍कैन से डॉक्टर को सिर दर्द होने के सही कारणों का पता चल जाता है|

एमआरआई (MRI) – एमआरआई की फुल फॉर्म मैगनेटिक रिसोन्‍सेंसे इमेजिंग है| इस जाँच को कराने से डॉक्टर को कुछ जरुरी जानकारी हासिल होती है, जिससे यह पता लग जाता है, कि आप माइग्रेन ग्रसित हो या नहीं| एमआरआई एक तरह की रेडियो और चुम्बकीय तरंगे होती है| ये तरंगे आपके दिमाग में जाकर रक्‍तवा‍हिनियों और मस्तिष्क की एक साफ पिक्चर तैयार कर देती है| एमआरआई से डॉक्टर को नर्वस सिस्टम से जुडी सभी जानकारी, स्‍ट्रोक, संक्रमण, मस्तिष्क में खून बहना और ट्यूमर जैसी जानकारी मिलती है|

माइग्रेन से बचाव के उपाय (Prevention of Migraine in Hindi Language)

1. अधिक शौर, मौसम के आया अचानक बदलाव और अधिक सर्दी गर्मी से आपको बचना चाहिए| ये सभी चीजे सिर दर्द का कारण है, जिससे आपके चलकर यह माइग्रेन के दर्द का रूप ले लेती है| अधिक समय तक म्यूजिक सुनने की आदत को भीड़ दूर करे|

2. संतुलित और समय पर आहार लेकर आप माइग्रेन की समस्या से बच सकते है| अधिकतर लोग शराब, सिगरेट, कैफीन और अनेक प्रकार की शारीरिक हानि पहुंचाने वाली चीजों को अपने दिन आहार में शामिल करते है| जिसके चलते माइग्रेन सहित शरीर को अनेक प्रकार के खतरनाक रोग लग जाते है| अगर आप माइग्रेन के दर्द से बचना चाहते है, और अपने शरीर को स्वस्थ रखना चाहते है, तो इन सभी चीजों का सेवन तुरंत बंद कर दे| इन सब चीजों के स्थान पर रोजाना ताज़ी हरी पत्तेदार सब्जी खाने की आदत डाले| ताजे और मौसमी फलो को अपने आहार में शामिल करे| बासी खाने से परहेज करे, ताजा खाना ही खाये|

Prevention of Migraine in Hindi Language

3. अगर आप अपनी बॉडी को हाइड्रेटेड रखना चाहती है, तो रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पियें| पानी पीने से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाते है| खाली पेट पानी अधिक लाभदायक है, इसीलिए रोजाना सुबह खाली पेट 2 गिलास गुनगुना पानी पियें| इससे पेट खुलकर साफ होगा और कब्ज जैसी पेट से जुडी बीमारी भी नहीं होगी|

4. कॉफी पीने के सर दर्द ठीक होता है, लेकिन जब तब हम इसका सेवन जरूरत के अनुसार करे| जरूरत से अधिक और इसे अपने आहार में शामिल करने से यह कॉफी में मौजूद कैफीन माइग्रेन के दर्द का बड़ा कारण बन सकता है| अधिकतर लोग इसे अपने आहार में शामिल कर लेते है, लेकिन ऐसा करना गलत है| इसका सेवन केवल जरूरत पड़ने ही करे

5. जो लोग बहुत अधिक नमक और तली हुई चीजे खाते है, उन्हें भी माइग्रेन के दर्द का सामना करना पड़ सकता है, इसीलिए हमें नमक और तली चीजों का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए| नमक और तली चीजे माइग्रेन सहित अनेक कई प्रकार के रोगो को जन्म देने में सहायक होती है| नमक का अधिक सेवन जहर के समान है और अधिक तैलीय चीजे खाने से शरीर में फैट बढ़ता है, जो हार्ट अटैक का कारण भी बन सकता है|

6. कुछ लोगो को भूखे रहने की आदत होती है, या कुछ लोग अपनी बिजी लाइफ के कारण सुबह का नाश्ता करना भूल जाते है और रात का खाना भी देर से खाते है| ये सभी आदते गलत है और ये आदते माइग्रेन के दर्द को जन्म देने में सहायक है| ध्यान रहे भूखे पेट कभी नहीं रहना चाहिए, और अपना नाश्ता, लंच और डिनर का समय फिक्स कर ले और रोजाना उस टाइम पर ही खाये|

7. कुछ लोगो को रात में टीवी देखना, मोबाइल चलाना और कंप्यूटर पर काम करना बहुत पसंद होता है| इन सभी के चलते उन्हें रात को देर से सोने की आदत हो जाती है या फिर देर रात तक नींद नहीं आती| क्या आप जानते है, रात को देर तक जागने की आदत आपके लिए कितनी खतरनाक हो सकती है ? रात को देर से सोने से आपकी नींद पूरी नहीं हो पाती| नींद की कमी या अभाव माइग्रेन का मुख्य कारण है| अगर आपको पहले से माइग्रेन की समस्या है, तो नींद की कमी माइग्रेन के दर्द को बढ़ा सकती है| ऐसे में आपको रात को जल्दी सोने और अपनी नींद पूरी करने की आदत डालनी होगी| ध्यान रहे नींद पूरी करने का अर्थ अधिक नींद लेने से नहीं है, अधिक नींद लेना भी माइग्रेन का कारण बन सकता है| ऐसे में एक दिन में कम से कम 8 घंटे सोने की आदत डाले|

8. अधिकतर लोग सिर दर्द होने पर बार बार पैन किलर लेकर दर्द को दवा देते है, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए| अगर आपको बार बार सिर दर्द है, तो पैन किलर ना ले| सबसे पहले डॉक्टर से मिले और यह मालूम करे कि बार बार होने वाला दर्द क्यों हो रहा है| डॉक्टर की सलाह अनुसार ही दवा का सेवन करे| अगर आप बिना डॉक्टर की सलाह के सर दर्द या माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाने वाली दवा बार बार लेते है, तो इससे आपके शरीर को कई प्रकार की हानि हो सकती है| ऐसा भी हो सकता है, कि आपकी माइग्रेन की स्थितिऔर बिगड़ जाये|

9. तनाव आजकल हर किसी की लाइफ का एक हिस्सा बन गया है| हर कोई किसी ना किसी चीज को लेकर तनाव में है, लेकिन क्या आप जानते है, आपका यह तनाव माइग्रेन के लिए ट्रिगर का काम करता है, अर्थात तनाव माइग्रेन के दर्द को बढ़ा देता है| अगर आप तनाव में रहते है या आपको हमेशा किसी चीज की चिंता रहती है, तो इन सभी मानसिक समस्याओं से बचने के लिए आप योगा अपनाये| योगा से दिमाग में आपने वाले नकारात्मक विचार ख़त्म हो जाते है, जिससे आप तनावमुक्त हो जाते है| योगा करने से मन शांत होता है, शरीर से हमेशा अच्छे हार्मोन्स निकलते है, जो माइग्रेन से बचाव में सहायक है| अगर आप बिना दवा माइग्रेन का इलाज करना चाहते है, तो योगा को अपनी दैनिक दिनचर्या में जरूर शामिल करे|

माइग्रेन की दवा (Migraine Medicine in Hindi)

माइग्रेन का दर्द अगर आपको बहुत अधिक हो रहा है, तो आप इसके किये दवा का सहारा ले सकते है| हम आपको कुछ दवा के नाम बता रहे है, जो माइग्रेन के दर्द को कम करने के लिए ले सकते है, लेकिन आपको कौन सी दवा लेने से लाभ होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है, कि आपको कितना तेज दर्द हो रहा है| ऐसे में आप सबसे पहले डॉक्टर से मिले और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ये दवा ले| डॉक्टर से दवा लेने से आपको सही दवा और दवा की सही मात्रा मिलेगी, जिससे आपका दर्द आसानी से कम हो जायेगा| ध्यान रहे बिना डॉक्टर की सलाह कोई भी दवा ना ले|

Migraine Medicine in Hindi

  • Pilol Tablet (पिलोल टैबलेट)
  • Migravas Tablet (माइग्रावास टैबलेट)
  • Divalep Tablet ER (दिवालेप अर टैबलेट)
  • Esgipyrin Aq Injection (एसगिपयरीं एक इंजेक्शन)
  • Zobid Injection (ज़ोबिड इंजेक्शन)
  • Valric Cr Tablet (वालरिक क्र टैबलेट)
  • Lonac Mr Tablet (लोनक मिस्टर टैबलेट)
  • Zobid D Tablet (ज़ॉबिड द टैबलेट)
  • Donn Injunction (डॉन इंजेक्शन)
  • Supermet XL Tablet (सुपरमैट एक्सएल टैबलेट)
  • Telpres MT (टेलप्रेस टैबलेट)
  • Topac Injection (टोपक इंजेक्शन)

माइग्रेन होने पर क्या ना करे

1. माइग्रेन के दर्द से छुटकारा दिलाने वाली बाजार में हजारो दवा मिलती है, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह किसी भी दवा का सेवन ना करे|

2. ऐसे इत्र या सेंट का छिड़काव ना करे, जिससे तेज गंध आती हो|

3. तेज धुप या तेज रौशनी में बाहर ना जाये| अगर जाना जरुरी है, तो सर पर कैप और आँखों पर चश्मा लगाकर जाये|

4. सिर दर्द होने पर डॉक्टर से संपर्क करने के बाद ही कोई पैन किलर ले|

5. सर दर्द की समस्या अगर बार बार यह तो डॉक्टर के पास तुरंत जाये, और माइग्रेन की जाँच कराये|

6. अधिक समय तक मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी देखने से बचे|

7. जहाँ रौशनी कम आती है, वहाँ कोई काम ना करे| विशेषकर पढ़ने लिखने वाला|

8. पापड़, अचार, केला और प्याज जैसी चीजों से माइग्रेन का दर्द उठने पर दुरी बनाये रखे|

9. अधिक नजदीक से मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी ना देखे|

10. अधिक ऊंची जगह ना जाये अगर जाये तो किसी को लेकर जाये|

11. बाहर का डिब्बा बंद खाना खाने से माइग्रेन का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में इन चीजों के सेवन से बचे|

12. कैफीन युक्त चीजे जैसे कॉफी, शराब और सिगरेट का सेवन का सेवन ना करे|

13. चॉकलेट, चीज, पनीर, नूडल्स और कुछ प्रकार के नट्स का सेवन ना करे|

माइग्रेन होने पर क्या करे –

1. रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पियें|

2. नींद की कमी या नींद अधिक लेने से भी माइग्रेन होने का खतरा पैदा हो जाता है, इसीलिए पर्याप्त मात्रा नींद ले|

3. रोजाना 30 से 45 मिनट चलने या दौड़ने की आदत डाले|

4. भूखे पेट रहने से बचे और संतुलित मात्रा में समय पर आहार ले|

5. हार्मोनल असंतुलन के कारण भी माइग्रेन होता है, ऐसे में हार्मोनल असंतुलन होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे|

6. कुछ दवा माइग्रेन का कारण बन सकती है, इसीलिए कोई भी बीमारी होने पर बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी दवा ना ले|

7. तनाव माइग्रेन का मुख्य कारण है| तनाव को दूर करने के लिए रोजाना योगा करे|

8. गलत तरीके से खाने, बैठने, लेटने और उठने से भी माइग्रेन का दर्द हो सकता है, ऐसे में हर काम सही पोजीशन में ही करे|

9. माइग्रेन का दर्द होने पर जिस हिस्से में दर्द हो रहा है, उस हिस्से में ठन्डे पानी की पट्टी रखे| इससे धमनियों में जमा ब्लड फ़ैल जायेगा और आपको दर्द कम होगा|

इस पोस्ट में हमने आपको माइग्रेन के लक्षण, कारण, बचाव और परिक्षण और माइग्रेन होने पर करे क्या नहीं ? इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी| माइग्रेन से जुडी ये जानकारी आपको कैसी लगी, हमें कमेंट करके बताये| अगर आपके पास माइग्रेन से जुडी कोई और जानकारी हो, तो वो जानकारी भी कमेंट के माध्यम से हमारे साथ शेयर करे|

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