साइटिका के लक्षण और दवा : What is Sciatica in Hindi

साइटिका के लक्षण, मुख्य कारण, इलाज के तरीके – About Sciatica in Hindi

साइटिका क्योर और साइटिका के बारे में आज हम आपको पूरी जानकारी देंगे| प्रत्येक मनुष्य के शरीर में एक नाड़ी होती है| इस नाड़ी का ऊपरी हिस्सा एक इंच मोटा होता है, इसे साइटिका नाड़ी कहते है| साइटिका नाड़ी को साइटिका नर्व के नाम से भी जानते है| साइटिका नाड़ी शरीर में हर एक नितम्ब से शुरू होकर टांगो के पिछले हिस्से से होती हुयी पैर की एड़ियों पर जानकर ख़त्म होती है|

Sciatica in Hindi

साइटिका नर्व में सूजन और दर्द होने को साइटिका या वात शूल की समस्या कहते है| साइटिका की समस्या होने पर मरीज के पैरो में झनझनाहट के साथ तेज दर्द होने लगता है| साइटिका स्त्री और पुरुष किसी को भी हो सकता है और 30 की उम्र पार करने वाले लोगो में साइटिका का जोखिम बढ़ जाता है| साइटिका का एक विशेष लक्षण यह है, कि इसका दर्द एक बार में केवल एक पैर में होता है| सर्दियों में साइटिका का दर्द और बढ़ जाता है|

साइटिका में पैरो में दर्द होने के कारण इससे पीड़ित व्यक्ति को चलने फिरने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है| साइटिका का मरीज जब चलता है, तो उसकी नसों में खिचाव पैदा हो जाता है, जिससे साइटिका का दर्द और बढ़ जाता है| साइटिका का अगर सही समय पर इलाज करा लिया जाये, तो इससे होने वाले दर्द को बहुत कम किया जा सकता है| सही समय पर इलाज के लिए साइटिका के लक्षणों और कारणों के बारे में जानना बहुत जरुरी है| आइये जाने साइटिका के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में|

साइटिका के लक्षण (Sciatica Symptoms in Hindi)

1. साइटिका से पीड़ित व्यक्ति के पैर के निचले भाग से लेकर शरीर के ऊपरी भाग तक तेज दर्द होता है| चलने और फिरने जैसी सामान्य गतिविधि से यह दर्द और बढ़ जाता है|

2. पीठ में असामान्य तेज दर्द होने लगता है| खाँसने, छींकने, हंसने और लम्बे समय तक पीछे की तरह झुककर बैठने से यह दर्द और बढ़ जाता है|

3. साइटिका का मरीज अपने शरीर में सुई और पिंस की सेंसेशन महसूस करने लगता है|

4. साइटिका से पीड़ित लोगो की माँसपेशियों में धीरे धीरे कमजोरी आती जाती है|

5. साइटिका होने पर कई बार पैर या पैरो की अंगुलियों में दर्दनाक झुनझुनी होने लगती है|

6. साइटिका होने पर आपकी संवेदी प्रतिक्रिया धीरे धीरे कमजोर पड़ती जाती है|

7. साइटिका होने पर पैरों और टांगो में कमजोरी और सुन्नता आ जाती है और यह कमजोरी और सुन्नता साइटिक तंत्रिका पथ में महसूस होती है|

8. साइटिका अगर गंभीर स्थति में आ चूका है, तो मरीज को चलना और फिरना पूरी तरह बंद भी हो सकता है|

साइटिका के कारण (Sciatica Causes in Hindi)

1. साइटिका नर्व के आस पास दूषित द्रव जमा होने के कारण भी साइटिका रोग होने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि दूषित द्रव के कारण नाड़ी पर दबाव पड़ता है|

2. जिन लोगो के मेरुदंड में ट्यूमर होता है, उनमे साइटिका रोग होने का खतरा बढ़ जाता है|

3. जिन लोगो की डिस्क अपने स्थान से खिसक जाती है, या निकल जाती है, उनमे यह बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है|

4. जो लोग देर रात तक जागते है, उनमे साइटिका रोग होने का खतरा बढ़ जाता है|

5. जो लोग अपनी क्षमता से अधिक काम करते है, उनमे भी साइटिका रोग होने की संभावना बढ़ जाती है|

6. गलत खान पान की आदतों और असंतुलित भोजन करने के कारण भी साइटिका रोग हो सकता है|

7. जो लोग एक ही अवस्था में अधिक समय तक बैठते या खड़े होते है, उनमे भी साइटिका रोग होने का खतरा बढ़ जाता है|

8. जिन लोगो की रीढ़ की हड्डी के निचले भाग में आर्थराइटिस की समस्या होती है, उनमे भी साइटिका बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है|

9. रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के कारण साइटिका रोग होने का खतरा बढ़ जाता है|

साइटिका से बचाव (Prevention of Sciatica in Hindi)

1. एक ही अवस्था में लम्बे समय तक खड़े या बैठे ना रहे|

2. चलने, फिरने और बैठते समय सही आसान का उपयोग करे|

3. धूम्रपान से खुद को दूर रखे और जो लोग धूम्रपान करते है, उनसे भी दुरी बनाये रखे|

4. एरोबिक फिटनेस को बनाये रखने वाले योग और व्यायाम करे |

5. शरीर का वजन कण्ट्रोल में रखे और शरीर पर फालतू चर्बी जमा ना होने दे|

6. किसी भी वस्तु को निचे से उठाते समय अपने शरीर की पोजीशन को सही रखे|

7. अगर आप कुर्सी पर बैठकर काम करते है, तो ऐसी कुर्सी का चुनाव करे, जो अच्छा बैक सपोर्ट प्रदान करे|

8. रीढ़ की हड्डी और पेट की मांसपेशियों में लचीलापन और ताकत लाने वाला व्यायाम करे|

साइटिका का परीक्षण (Diagnosis of Sciatica in Hindi)

  • शारीरिक परीक्षण (Physical Testing)
  • एक्स-रे (X-ray)
  • एमआरआई (MRI)
  • सीटी स्कैन (CT Scan)

साइटिका के जोखिम (Sciatica Risk Factor in Hindi)

1. पैर का हिलना डुलना आंशिक या पूरी तरह बंद हो सकता है|

2. पैर में किसी भी प्रकार का अनुभव होना आंशिक या पूरी तरह बंद हो सकता है|

3. दवाओं के अनेक प्रकार के हानिकारक असर हो सकते है|

साइटिका में परहेज

1. शर्करा और रिफाइंड से बनी चीजों से परहेज करे, क्योंकि ये तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुँचाती है|

2. जंक फूड और बाहर का खाना ना खाये|

3. तली भुनी और अधिक मशालेदार भोजन का सेवन ना करे|

4. गाय के दूध और गाय के दूध से बनी चीजों से दुरी बनाये रखे|

साइटिका में क्या खाये

1. मैग्नीशियम युक्त फलो और ताजी सब्जियों का अधिक मात्रा में सेवन करे|

2. ओमेगा -3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन साइटिका के उपचार में लाभकारी है|

3. विटामिन ए और विटामिन सी युक्त ताजे फलो और हरी सब्जियों का सेवन भरपूर मात्रा में करे|

4. दूध और दूध से बनी चीजों जैसे पनीर और दही का सेवन करे|

5. पोटाशियम युक्त आहार साइटिका के इलाज में लाभकारी है, इसीलिए पोटाशियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करे|

6. समुद्री भोजन, मछली, मांस, बीन्स और भूरे रंग के चावलों का सेवन करे|

7. सियाटिक के उपचार के लिए विटामिन बी 12 युक्त खाद्य पदार्थों का भरपूर मात्रा में सेवन करे|

इस पोस्ट में हमने आपको साइटिका / Sciatica in Hindi के बारे में विस्तार से जानकारी दी| आपको साइटिका बीमारी के बारे में मिली, ये जानकारी कैसी लगी, हमें कमेंट के,माध्यम से बताये| कमेंट करने के लिए पोस्ट के निचे बने कमेंट बॉक्स को फील करे| अगर इस पोस्ट के बारे में आप हमसे कोई सवाल करना चाहते है, या किसी अन्य विषय पर जानकारी चाहते है, तो उसके बारे में भी आप हमें कमेंट करके बता सकते है| हम आपके हर सवाल का जवाब देंगे और जो जानकारी आप चाहते है, वो जानकारी आपके लिए लेके आयेगे|

ये भी पढ़े –

माइग्रेन के लक्षण, कारण, परीक्षण, परहेज
माइग्रेन के लिए बाबा रामदेव के योग
दौड़ने के फायदे
तेज दौड़ने के टिप्स
पेट कम करने की कसरत
मोटापा कम करने के उपाय
कमर और पेट कम करने के घरेलू उपाय
मोटा होने की दवा
वजन बढ़ाने के लिए डाइट चार्ट

Disclaimer:- All content is good for health but you should take advice from Doctor before using them. We are not responsible for any harm.

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12 + three =