पीलिया का घरेलू इलाज Piliya Treatment in Hindi

पीलिया के उपचार के घरेलू नुस्खे

पीलिया का उपचार (Pilia Disease in Hindi) : इस पोस्ट में हम आपको पीलिया का घरेलू इलाज (Piliya Treatment in Hindi) के बारे में जानकारी देंगे| पीलिया का इलाज कैसे करे, ये जानने से पहले आपको पीलिया क्या है, और इसके होने के कारण क्या होते है, ये जानना जरुरी है|

Piliya Treatment in Hindi

पीलिया होने के कारण जानने से आपको इस बीमारी से बचने में मदद मिलेगी और पीलिया होने के लक्षण जानने से आपको इस बीमारी का समय से इलाज कराने में मदद मिलेगी| तो चलिए विस्तार से जाने पीलिया के कारण, लक्षण और निवारण के बारे में|

पीलिया क्या है (Pilia Disease in Hindi)

पीलिया गर्मियों के मौसम में होने वाला रोग है| बच्चो में पीलिया का रोग अधिक देखने को मिलता है| खून में पित्तरंजक एक रंग होता है| अंग्रेजी में इसे Billrubin कहते है| खून में पित्तरंजक के लेवल बढ़ने पर पीलिया का रोग हो जाता है| खून में पित्तरंजक का लेवल समान्य स्तर पर 1.0 % या इससे भी कम होता है| जब यह लेवल इस स्तर से बढ़ने लगता है, तब पीलिया की शुरुआत हो जाती है|

खून में जब पित्तरंजक का लेवल 2.5 % के ऊपर चला जाता है, तब व्यक्ति के शरीर में पीलिया के लक्षण प्रकट होने लगते है| पीलिया होने की कोई उम्र नहीं होती | यह बीमारी किसी को कभी भी हो सकती है| छोटे नवजात बच्चो में पीलिया का रोग अधिक देखने को मिलता है| पीलीय सूक्ष्‍म विषाणु (वाइरस) से शुरू होता है| शुरूआती दौर में पीलिया के लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन जब यह रोग बढ़ जाता है, तब रोगी की त्वचा, आंखे और नाख़ून पीले होने लगते है|

पीलिया लोग ऐसे स्थानों या ऐसे लोगो को अधिक होता है, जो साफ़ सफाई पर ध्यान नहीं देते| भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में अधिक गन्दगी होती है, इसीलिए ऐसे क्षेत्रों में यह बीमारी अधिक होती है| कई बार लिवर या किडनी खराब होने के कारण भी पीलिया हो जाता है| क्योंकि खून में मौजूद पित्तरंजक लिवर के माध्यम से शरीर से बाहर निकलते है, लेकिन जब लिवर खराब हो जाता है, तो वह पित्तरंजक को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाता| जिसके कारण खून में पित्तरंजक का लेवल बढ़ जाता है, और पीलिया का रोग हो जाता है|

पीलिया का इलाज (Piliya Treatment in Hindi)

पीलिया मरीज के शरीर में कितना फ़ैल चूका है, ये जानकर ही पीलिया का इलाज शुरू किया जाता है| पीलिया का स्तर जानने के लिए डॉक्टर मरीज के कुछ टेस्ट कराते है| टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीज का इलाज शुरू कर दिया जाता है|

पीलिया के इलाज के दौरान डॉक्टर मरीज को सबसे ज्यादा आराम करने की सलाह देते है| इससे मरीज के लिवर को आराम मिलता है, जिससे लिवर में बिलीरुबिन बनने लगता है| बिलीरुबिन बनने के बाद शरीर से सारी गन्दगी बाहर निकल जाती है| पीलिया का संक्रमण बढ़ने और मरीज की हालत ज्यादा गंभीर होने पर मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया जाता है| अस्पताल में डॉक्टर मरीज का निम्न चिकित्सकीय विधियों के माध्यम से इलाज करते है|

1. डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर आई वी फ्लूयड्स दी जाती है|
2. एंटी वायरल दवा खिलाई जाती है|
3. एंटी बायोटिक्स दी जाती है|
4. ब्लड ट्रांसफ्यूजन अर्थात खून चढ़ाया जाता है|
5. रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी की जाती है|
6. नवजात बच्चो का इलाज फोटोथेरेपी के माध्यम से किया जाता है|

पीलिया का घरेलू इलाज (Piliya Ka Ilaj in Hindi)

1. गन्ना (Sugarcane) : अगर आप पीलिया को जल्दी ठीक करना चाहते है, तो गन्ना खाये| गन्ना शरीर की एनर्जी और ग्लूकोस लेवल को बढ़ाकर पीलिया को ठीक करने में मदद करता है| पाचन किर्या को दुरुस्त बनाये रखने के साथ साथ गन्ना लिवर को सही तरीके से काम करने में मदद करता है| पीलिया के मरीज को रोजाना दो से तीन गिलास गन्ने का जूस नमक डालकर पीना चाहिए|

2. मूली (Radish) : लिवर के लिए फायदेमंद मूली पीलिया के इलाज में सहायक है| मूली detoxifier की तरह काम करती है, जो शरीर में मौजूद सभी विषैले पदार्थो को बाहर निकालने का काम करती है| 10 से 15 दिनों तक रोजाना आधा लीटर मूली के पत्तो का रस पियें| ऐसा करने से पीलिया के मरीज को बहुत आराम मिलेगा| मूली को सलाद के रूप में भी रोजाना खा सकते है|

3. टमाटर (Tomatoes) : पीलिया के मरीज को रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास टमाटर के रस में काली मिर्च पाउडर और स्वाद अनुसार नमक डालकर पीना चाहिए| ऐसा करने से बहुत आराम मिलेगा| टमाटर में मौजूद लाइकोपीन अधिक मात्रा में पाया जाता है| लाइकोपीन लिवर को डैमेज होने से बचाता है| इसके साथ ही टमाटर शरीर से विषाक्त पदार्थो को बाहर निकालने का काम करता है|

4. जौ (Barley) : जौ शरीर में Diuretic की तरह काम करती है| जौ शरीर से सभी विषाक्त पदार्थो के साथ साथ बिलीरुबिन को भी शरीर से बाहर निकाल देती है| एक कप जौ (Barley) को तीन लीटर पानी में डालकर कुछ समय के लिए उबाले| अब इस पानी को तीन से चार घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दे| अब इस पानी के तीन से चार गिलास रोजाना पियें| पीलिया के इलाज का यह बढ़िया घरेलू नुस्खा है|

5. पपीता (Papaya) : पपीते की पत्तियों का रस पीलिया के इलाज की सबसे बढ़िया घरेलू दवाई है| पपीते के पत्तो को पीसकर इसका रस निकाल ले| अब इस रस की दो से तीन चम्मच मात्रा में एक चम्मच शहद मिलाकर रोजाना करीब दो हफ्तों तक खाये| ऐसा करने से पीलिया बहुत जल्दी ठीक हो जायेगा|

6. तुलसी (Basil) : तुलसी हर भारीतय घर में मौजूद होती है| पीलिया के इलाज में तुलसी का इस्तेमाल किया जाता है| गाजर के रस में तुलसी की पत्तियों का पेस्ट मिलाकर रोजाना एक महीने तक पियें| पीलिया के मरीज को इससे काफी आराम मिलेगा|

7. नींबू (Lemon) : नींबू और नींबू का रस भी पीलिया के इलाज में लाभकारी है| नींबू लीवर को खराब होने से बचाता है| पीलिया के मरीज को रोजाना एक गिलास पानी में दो नींबू का रस मिलाकर पीना चाहिए| ऐसा करने से पीलिया में आराम मिलता है, और शरीर में मौजूद गन्दगी भी बाहर निकल जाती है|

8. बादाम (Almond) : बादाम की गिरी पीलिया के इलाज में इस्तेमाल की जाती है| रात को पीने के पानी में 5 इलायची, 2 खजूर और बादाम की 8 गिरी भिगोकर रख दे| सुबह इन्हे पानी से निकालकर छिलके निकाल ले और इनका पेस्ट बना ले| अब इस पेस्ट में मक्खन और चीनी मिलाकर खाये| रोजाना ऐसा करने से पीलिया में काफी आराम मिलेगा|

दोस्तों इस पोस्ट में हमने आपको Piliya Ka Ilaj कैसे करे, इसके बारे में बताया| पीलिया के इलाज से जुडी ये ज्ञानवर्धक पोस्ट आपको कैसी लगी, हमें कमेंट करके बताये| पोस्ट के बारे में अगर आपका कोई सवाल हैं, तो अपना सवाल भी आप कमेंट के माध्यम से हमसे पूछ सकते है|

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