गर्भाशय कैंसर के 10 लक्षण और होने के कारण

गर्भाशय कैंसर क्यों होता है : मुख्य कारण

गर्भाशय कैंसर क्या हैं, और इससे हम किस प्रकार बच सकते हैं, आज हम आपको अपने आर्टिकल द्वारा विस्तार से बतायेगे| गर्भाशय कैंसर कैंसर पूरी दुनिया में तेजी से फ़ैल रहा हैं| Garbhashay Cancer गायनेकोलॉजी से जुड़ा सबसे खतरनाक और जानलेवा कैंसर हैं| भारत की बात करे, तो गर्भाशय कैंसर के मामले में भारत पहले स्थान पर हैं| गर्भाशय कैंसर होने की कोई विशेष उम्र नहीं होती| ये खतरनाक कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता हैं, लेकिन 50 साल की उम्र पार करने के बाद औरतो में गर्भाशय कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता हैं| (ये भी पढ़े – हड्डियों का कैंसर )

Garbhashay Cancer

जागरूकता की कमी और लापरवाही के कारण गर्भाशय कैंसर तेजी से बढ़ता जा रहा हैं| गर्भाशय कैंसर लिवर, फेफड़े, पेट, आंतो, मूत्राशय, ओवरी और इसके आस पास के हिस्से को प्रभावित करता हैं| इस कैंसर के होने का अभी तक कोई विशेष कारण सामने नहीं आया हैं| कैंसर से मरने वाली महिलाओ की बात करे, तो ऑवेरियन कैंसर से मरने वाली महिलाओ की संख्या सबसे अधिक होती हैं|

डाइग्नोस्टिक स्क्रीनिंग की बात करे तो अभी तक ऐसी कोई डाइग्नोस्टिक स्क्रीनिंग नहीं बनी जो समय पर गर्भाशय कैंसर का पता लगा पाएं| अधिकतर मामलो में गर्भाशय कैंसर की लास्ट स्टेज तक इसका पता नहीं लग पाता| एक शोध के अनुसार 75 % लोगो में गर्भाशय कैंसर का पता लास्ट स्टेज पर पहुंचने के बाद चलता हैं| अधिकतर गर्भाशय कैंसर का पता लास्ट स्टेज पर चलने पर 5 साल के अंदर ही मरीज की मौत हो जाती हैं|

हम आपको गर्भाशय कैंसर के कुछ लक्षणों के बारे में बता रहे हैं| इन लक्षणों को पहचान कर आपको गर्भाशय कैंसर का सही समय पर इलाज कराने में मदद मिलेगी| ये लक्षण देर से दिखाई देते हैं, या कभी कभी दिखाई भी नहीं देते| फिर भी गर्भाशय कैंसर के इन लक्षणों को जानना आपके लिए बेहतर हैं| तो चलिए जाने गर्भाशय कैंसर के लक्षण के बारे में|

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गर्भाशय कैंसर के कारण (Causes of uterine cancer)

1. पीरियड्स जल्दी शुरू होना
2. 50 वर्ष की आयु के बाद मीनोपॉज होना
3. अनुवांशिक
4. धूम्रपान करना
5. मोटापा
6. कुछ दवाइयां

गर्भाशय कैंसर के लक्षण (Symptoms of uterine cancer)

1. गर्भाशय कैंसर होने पर संभोग करते समय दर्द अधिक होता हैं| इस लक्षण को डायसपरयूनिया भी कहते हैं|

2. गर्भाशय कैंसर होने पर व्यक्ति को नींद ज्यादा आने लगती हैं, और अधिक सोने पर भी शरीर में हमेशा थकान बनी रहती हैं|

3. पीठ के नीचे के हिस्से में दर्द होना, और धीरे धीरे इस दर्द का बढ़ना गर्भाशय कैंसर का लक्षण हैं, इसीलिए ऐसा कोई भी लक्षण नजर आने पर इसे इग्नोर ना करे, और तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करे|

4. अगर मीनोपॉज इ बाद आपको अचानक ब्लीडिंग होने लगे, तो तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करे, क्योंकि ये Garbhashay Cancer का सबसे खतरनाक लक्षण हैं| ये लक्षण तब दिखाई देता हैं, जब कैंसर ऊतकों में फ़ैल चूका होता हैं|

5. श्रोणि में दर्द होना भी गर्भाशय कैंसर का लक्षण होता हैं| इसीलिए अगर आपकी श्रोणि में दर्द हैं, तो बिना शरमाये तुरंत किसी डॉक्टर से इस बारे में बात करे|

6. गर्भाशय कैंसर का ट्यूमर बढ़ने पर मरीज को मल त्यागने में दिक्कत होने लगती हैं| मल त्यागने में दिक्कत होने का कारण हैं, ट्यूमर के कारण छोटी आंत, पेट और मूत्राशय पर दबाब का अधिक पड़ना|

7. पेशाब की आदतों में अचानक बदलाब भी गर्भाशय कैंसर का लक्षण होता हैं| इन आदतों में पेशाब का बार बार आना, पेशाब के साथ खून आना या फिर पेशाब पर नियंत्रण ना होना हो सकता हैं|

8. भोजन कम करना या फिर थोड़ा सा भोजन करते ही पेट भर जाना गर्भाशय कैंसर का लक्षण हैं| भोजन कम करने के कारण गर्भाशय कैंसर में मरीज का वजन तेजी से कम होने लगता हैं|

9. गर्भाशय कैंसर के कारण पेट में पेट की लाइनिंग को परेशान करने वाला एक तरल पदार्थ पैदा हो जाता हैं| यह इस क्षेत्र में दवाब पैदा करता हैं| जिसके कारण व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होने लगती हैं| अगर आपको अपने अंदर ऐसा कोई भी लक्षण नजर आये, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे, क्योंकि ये गर्भाशय कैंसर का लक्षण हैं|

10. 50 साल के बाद पेट के निचले हिस्से का फूलना, गैस बनना, हार्टबन और मितली जैसी प्रॉब्लम होना गर्भाशय कैंसर का संकेत हो सकता हैं, इसीलिए ऐसे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज करना ठीक नहीं|

आज हमने आपको गर्भाशय कैंसर (Garbhashay Cancer)के बारे में बताया| गर्भाशय कैंसर से कैंसर से बचना आसान हैं, जरुरी हैं, सही समय पर सही इलाज की| आपको हमारी ये जानकारी कैसी लगी, कमेंट के माध्यम से जरूर बताये|

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