निमोनिया का घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार Pneumonia Treatment in Hindi

निमोनिया क्या है और निमोनिया का इलाज कैसे करे :  इस पोस्ट में हम आपको निमोनिया का आयुर्वेदिक उपचार कैसे करे, इस बारे में पूरी जानकारी देंगे| निमोनिया एक सामान्य बीमारी है, जो किसी को भी हो सकती है| निमोनिया की बीमारी वैसे तो किसी भी मौसम में हो जाती है, लेकिन बारिश के मौसम में यह बीमारी सबसे ज्यादा होती है| बरसात होने पर मौसम में परिवर्तन होना शुरू हो जाता है, जिसके कारण बरसात में निमोनिया होने का खतरा बढ़ जाता है| (ये भी पढ़े – निमोनिया के लक्षण )

Nimoniya Ka Ilaj

निमोनिया क्या है (What is Pneumonia in Hindi)

बरसात के मौसम में गन्दगी ज्यादा रहती है, जिसके कारण इस मौसम में संक्रमण ज्यादा फैलता है| बरसात के मौसम में कई सारे वायरस फैलते है, ये वायरस अधिकतर बूढ़ो और बच्चो को अपना शिकार बनाते है| बरसात के मौसम को संक्रमण का मौसम भी कह सकते है, क्योंकि इस मौसम में किसी भी बीमारी का संक्रमण तेजी से फैलता है|

निमोनिया का खतरा किसको ज्यादा होता है

वैसे तो यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन जिन लोगो को फेफड़ो से जुडी बीमारी या अस्थमा की समस्या है, उन्हें निमोनिया होने का खतरा बढ़ जाता है| जागरूकता की कमी भी इस रोग का कारण है| स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार हर साल 4.30 करोड़ से अधिक लोग इस बीमारी से ग्रसित होते है| इन लोगो से सबसे ज्यादा पांच साल से कम उम्र के नवजात शिशु होते है| इस बीमारी को कण्ट्रोल करने के लिए लोगो को जागरूक करना बहुत जरुरी है|

निमोनिया की बीमारी युवाओ में 15 से 20 दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन बच्चो और बुजुर्गो को यह बीमारी लम्बे समय तक पीड़ित करती है| बच्चो और बुगुर्जो का शरीर कमजोर होता है, इसीलिए उन्हें ठीक करने के लिए जरुरी इलाज की जरूरत पड़ती है| जब सांस के माध्यम से फेफड़ो में रोगाणु पहुंचने लगते है, तब निमोनिया गंभीर बीमारी का रूप ले लेता है| निमोनिया बढ़ने पर फेफड़ो में संक्रमण लग जाता है, और कोल्ड और फ्लू की समस्या होने लगती है|

निमोनिया सर्दी लगने के कारण होता है| बच्चो और बुजुर्गो को सर्दी अधिक लगती है, इसीलिए निमोनिया बच्चो और बुजुर्गो को जल्दी हो जाता है| निमोनिया का संक्रमण बढ़ने पर यह जानलेवा हो जाता है| हर साल इस रोग से लाखो की संख्या में लोगो की मौत हो जाती है| मरने वालो में सबसे अधिक नवजात बच्चे होते है| निमोनिया फेफड़े संक्रमित हो जाते है| संक्रमण के कारण फेफड़ो में तरल पदार्थ इकट्ठा हो जाता है| जिसके कारण हवा और पानी का बहाव सही से नहीं हो पाता|

फेफड़ो को सही तरीके से हवा और पानी ना मिलने के कारण खांसी, बलगम, सीने में जलन और सांस लेने सम्बन्धी अनेक समस्याएं होने लगती है| निमोनिया से बचने के लिए सर्दी से बचाव बहुत जरुरी है| निमोनिया का इलाज हम घरेलू और आयुर्वेदिक तरीको से भी कर सकते है| इस पोस्ट में हम आपको कुछ घरेलू और आयुर्वेदिक नुस्खे बतायेगे| इन नुस्खे की मदद से आप निमोनिया का इलाज घर पर ही कर सकते है|

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निमोनिया का घरेलू इलाज (Nimoniya Ka Gharelu Ilaj)

लाल मिर्च (Red chilly) – लाल मिर्च से निमोनिया का इलाज किया जा सकता है| निमोनिया मरीज की श्वास में बलगम और पस फस जाता है| लाल मिर्च श्वास नली में फसे पस और बलगम को निकालने का काम करता है| इससे श्वास नली साफ हो जाती है, जिसके कारण सांस लेने में होने वाली दिक्कत खत्म हो जाती है| निमोनिया होने पर एक गिलास पानी में नींबू का रस और लाल मिर्च पाउडर मिलाकर दिन में तीन से चार बार पिए|

तिल के बीज (Sesame Seeds) – तिल को उबलते पानी में डाले और पानी को जब तक उबाले जब तक तिल मुलायम ना हो जाये| तिल के नरम होने पर पानी में एक चम्मच की मात्रा में अलसी की बीज डाल दे| अब इस पानी को 5 से 7 मिनट तक उबालने के बाद उतार दे| अब बीजो को छानकर अलग कर ले और इस पानी में शहद और स्वाद अनुसार नमक मिलाकर रोजाना खाली पेट पिए| निमोनिया होने पर यह नुस्खा रोजाना अपनाये| पानी से निकले बीज फेके नहीं, इन बीजो को चबाकर खाये|

हल्दी (Turmeric) – हल्दी में मौजूद एंटी बैक्‍टीरियल और एंटीवायरल गुण शरीर को संक्रमण से बचाते है| हल्दी में कफ को कम करने का गुण होता है, इसके अलावा हल्दी श्वास से जुडी बीमारियों में लाभकारी है| निमोनिया होने पर हल्दी में सरसो का गुनगुना तेल मिलाकर छाती की मालिश करे| एक गिलास गुनगुने पानी में आधी चम्मच हल्दी और एक चौथाई चम्मच काली मिर्च मिलाकर रोजाना एक बार इसका सेवन करे| दिन में दो से तीन बार हल्दी वाला दूध पियें| हल्दी की तरीर गर्म होती है, इस प्रकार हल्दी निमोनिया से बचाव में भी सहायक है|

मेथी की चाय (Fenugreek Tea) – मेथी की चाय निमोनिया के घरेलू इलाज में लाभकारी है| मेथी से बंद छाती भी खुल जाती है| मेथी शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थो को बाहर निकालने का काम करती है| एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथी के बीज डालकर उसे जब तक उबाले जब तक पानी आधा हो जाये| अब इस पानी को छानकर इसमें नींबू का रस मिलाये और फिर पियें| इस नुस्खे को दिन में तीन से चार बार आजमाए| मेथी की चाय पीने से शरीर में मौजूद सारी गन्दगी पसीने के साथ बाहर निकल जाती है|

गाजर (Carrot) – निमोनिया होने पर गाजर का जूस भी फायदा करता है| निमोनिया के मरीज को रोजाना गाजर के जूस में लाल मिर्च पाउडर डालकर पीना चाहिए| आप चाहे तो सलाद के रूप में कच्ची गाजर भी खा सकते है|

लहसुन (Garlic) – लहसुन की तासीर गर्म होती है, जिसके कारण लहसुन हमारे शरीर के तापमान को कम करने में सहायक है| रात को सोने से पहले लहसुन के पेस्ट को अपने पैर के तलवो पर मले और फिर अपने जुराब पहनकर सो जाये| लहसुन के पेस्ट में शहद और नींबू का रस मिलाकर चाहते से भी निमोनिया में आराम मिलता है| अधिकतर लोग लहसुन का इस्तेमाल इसीलिए नहीं करते, क्योंकि लहसुन खाने से मुँह में बदबू आती है, लेकिन लहसुन का सेवन फेफड़ो और छाती को साफ करता है, जिससे सांस लेने में होने वाली तकलीफ दूर हो जाती है|

काली चाय (Black Tea) – एक कप पानी में दो चम्मच शहद और तीन चम्मच मेथी के बीज का पाउडर डालकर रोजाना पियें| यह नुस्खा रोजाना दिन में एक बार अपनाने से निमोनिया में काफी आराम मिलेगा|

इस पोस्ट में आपने निमोनिया का आयुर्वेदिक उपचार घर पर कैसे करे, इसके बारे में जाना| निमोनिया के इलाज से जुडी हमारी आज की ये पोस्ट आपको कैसी लगी, हमें कमेंट करके बताये| कमेंट करने के लिए पोस्ट के निचे बने कमेंट बॉक्स में जाये| अगर पोस्ट से जुड़ा कोई भी सवाल आप हमसे पूछना चाहते है, तो कमेंट के माध्यम से अपना सवाल हमसे पूछ सकते है|

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