मलेरिया के लक्षण और आसान बचाव : Malaria Fever Symptoms in Hindi

(मलेरिया ) 20  Malaria Symptoms in Hindi

Malaria Ke Lakshan aur Upay : मलेरिया (Malaria) बुखार बहुत खतरनाक होता है| अधिकतर मामलो में मलेरिया (Malaria) बुखार जानलेवा साबित हो जाता है| इस पोस्ट में हम आपको मलेरिया के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में जानकारी देंगे| इसके साथ ही हम आपको मलेरिया के देशी इलाज के कुछ घरेलु नुस्खे भी बतायेगे| अगर आप मलेरिया के बारे में पूरी इनफार्मेशन पाना चाहते है, तो मलेरिया के लक्षण से जुडी ये पोस्ट जरूर पढ़े|

Malaria Ke Lakshan

यह बीमारी बरसात के मौसम में अधिक फैलती है| बालो में मलेरिया की बीमारी अधिक देखने को मिलती है| UNICEF के अनुसार हर साल पुरे विश्व में मलेरिया के कारण एक हजार से अधिक बच्चे मर जाते है| पुराने ज़माने में लोगो मानते थे, कि यह बीमारी बुरी हवा के कारण होती थी| इसीलिए लोगो में इस बीमारी का नाम मलेरिया रखा| मलेरिया दो शब्दों से मिलकर बना है, MAL (बुरी) + ARIA (हवा) = मलेरिया|

मलेरिया में सिरदर्द और सर्दी के साथ बुखार बार बार होने लगता है| ये बुखार कभी कभी ठीक हो जाता है और फिर दोबारा आ जाता है| मलेरिया का सही समय पर इलाज ना होने के कारण कई बार मरीज की मृत्यु हो जाती है| मलेरिया बिगड़ने पर मरीज कोमा में भी चला जाता है| मलेरियाकी बीमारी प्लाज्मोडियम (Plasmodium) परजीवी के कारण होता है| इस परजीवी की पांच प्रजाति होती है| आइये जाने मलेरिया के बारे में विस्तार से

मलेरिया शरीर में कैसे फैलता है (How Does Malaria Spread in Tha Body in Hindi)

1. मलेरिया बुखार मादा एनोफ़ेलीज़ मच्छर (Anopheles Mosquito) के काटने से फैलता है|

2. मादा एनोफ़ेलीज़ मच्छर के खून में प्लाज्मोडियम (Plasmodium) नामक परजीवी बैक्टीरिया पाया जाता है| इस मच्छर के काटने से यह परजीवी हमारे शरीर प्रवेश कर जाते है|

3. शरीर में पहुंचने के बाद धीरे धीरे इन परजीवी बैक्टीरिया की संख्या बढ़ती रहती है|

4. शरीर में इनकी संख्या कम होने पर हमें इसका पता नहीं चलता, जैसे ही इनकी संख्या बढ़ जाती है, तुरंत मलेरिया बुखार आ जाता है|

5. प्लाज्मोडियम (Plasmodium) परजीवी बैक्टीरिया सबसे पहले लिवर को नुकसान पहुंचाते है|

6. मच्छर के काटने के बाद ये परजीवी अपना असर दिखाने में एक से दो हफ्ते लगा देते है|

मलेरिया फैलाने वाले परजीवी प्लाज्मोडियम की प्रजाति (Plasmodium Species Name in Hindi)

1. Plasmodium Ovale (प्लैसमोडियम ओवैल) – मलेरिया फ़ैलाने वाले ये परजीवी अधिकतर पश्चिमअफ्रीका में पाए जाते है| ये परजीवी असामान्य होते है| मलेरिया के लक्षणों को प्रकट किये बिना ये परजीवी आपके लिवर पर कई सालो तक रह सकते है|

2. Plasmodium Vivax (प्लॉस्डोडियम विवाक्स) – लेरिया फ़ैलाने वाले ये परजीवी मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका और एशिया में पाए जाते है| ये परजीवी हल्के मलेरिया का कारण होते है| लेकिन ये परजीवी तीन साल तक आपके लिवर पर रह सकता है, इसके बाद दोबारा आपको यह रोग हो सकता है|

3. Plasmodium Falciparum (प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम) – लेरिया फ़ैलाने वाले ये परजीवी अफ्रीका में पाए जाते है| प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम के कारण सबसे अधिक मलेरिया फैलता है, इसीलिए इसे आम मलेरिया परजीवी माना जाता है| विश्व में अधिकतर इस परजीवी के कारण ही मलेरिया रोगी की मृत्यु होती है|

4. Plasmodium Malarie (प्लास्मोडियम मलेरिये) – ये परजीवी बहुत कम होते है| ये परजीवी पुरे विश्व में केवल अफ्रीका में पाए जाते है|

5. Plasmodium Knowlesi (प्लॉस्डियम नोवेसी) – इन परजीवी की संख्या सबसे कम होती है| ये परजीवी दक्षिण पूर्व एशिया के केवल कुछ हिस्सों में पाए जाते है|

मलेरिया बीमारी के लक्षण (Symptoms of Malaria Disease)

1. मलेरिया बुखार तेज ठण्ड के साथ आता है|

2. मलेरिया बुखार होने पर तेज सिरदर्द होने लगता है|

3. तेज ठण्ड के साथ बुखार होने के कारण पुरे बदन में दर्द होने लगता है|

4. जी मिचलाने के साथ उल्टी आने लगती है|

5. मलेरिया बुखार तेज होने पर कई बार आँखे लाल होने लगती है|

6. सर्दी, बुखार, बदन दर्द और उल्टी होने के कारण पुरे शरीर में कमजोरी आ जाती है|

7. मलेरिया बुखार इतना तेज होता है, कि मरीज को भूख लगनी बंद हो जाती है|

8. मरीज के शरीर में खून की कमी होने लगती है|

9. कई बार मरीज को साँस लेने में तकलीफ होने लगती है|

10. खून की कमी के कारण शरीर में प्लेट की संख्या काफी कम हो जाती है, जिसके कारण त्वचा पर लाल चट्टे पड़ने लगते है|

11. मलेरिया बुखार के 102 से 106 डिग्री फ़ारेनहाइट के ऊपर पहुंचने पर मरीज कोमा में चला जाता है|

शरीर पर मलेरिया बुखार का बुरा असर (Malaria Fever Bad Effect)

1. मलेरिया बुखार होने पर शरीर में खून की कमी आ जाती है, जिसके कारण पुरे शरीर में कमजोरी आ जाती है|

2. मलेरिया बुखार के कारण तिल्ली और जिगर बढ़ जाता है|

3. मलेरिया बुखार के कारण कई लोगो का पाचन तंत्र भी बिगड़ जाता है|

4. मलेरिया बुखार बढ़ने पर मरीज कोमा में चला जाता है|

5. माँ बनने वाली औरतो का कई बार मलेरिया के कारण बच्चा भी गिर जाता है|

6. मलेरिया बुखार सबसे पहले किडनी पर अपना नकारात्मक असर डालता है|

7. मलेरिया बुखार के कारण अगर मरीज कोमा में जाकर ठीक हुआ है, तो कई बार मरीज को भूलने की बीमारी हो जाती है|

8. समय पर सही इलाज ना मिलने पर मलेरिया बुखार जानलेवा भी हो जाता है|

मलेरिया मच्छर की आदत (Malaria Mosquito Habitat)

1. मच्छर के मच्छर आगे की ओर झुककर आराम करते है|

2. मलेरिया फ़ैलाने वाले मच्छर साफ पानी में पनपते है|

3. यह मच्छर शाम के समय अँधेरा हो जाने के बाद काटते है|

4. ये मच्छर छायादार और अंधेरे वाली जगह पर आराम करते है|

5. ये मच्छर खून चूसने के लिए अपने आराम करने वाले स्थान से एक से तीन किलोमीटर तक उड़ सकते है|

6. खून चूसने के बाद मच्छर आराम करना पसंद करते है|

मच्छरों को पैदा होने से कैसे रोके (Malaria Mosquitoes)

1. घर में जिन बर्तनो में आप पानी भरकर रखते है, उन्हें हर दूसरे दिन खाली करे और दोबारा अच्छी तरह धोकर भरे|

2. पानी की टंकी की समय समय पर सफाई करे और उसे अच्छी तरह ढककर रखे|

3. कूलर की हर हफ्ते सफाई करे और रोजाना उसका पानी बदले|

4. छत पर रखे टायर या टूटी बाल्टी आदि में बारिश का पानी जमा ना होने दे|

5. नल के पास नाली बनाये, जिससे नल के आस पास पानी जमा ना हो पाए|

6. घर के बाहर बनी नालियों की समय समय पर सफाई करे और वहाँ थोड़ा मिटटी का तेल डाल दे|

7. घर और घर के बाहर रोजाना अच्छी तरफ से सफाई करे|

8. पानी की बाल्टी को भरकर उसे ढककर रखे|

घर के अंदर मच्छर कहां पैदा होता है (Malaria Machar )

1. रसोईघर में रुके पानी में
2. छत पर भरे पानी में
3. कूलर या बेकार पड़े टायर में रुके पानी में
4. पानी की खुली टंकियों से बहते पानी में
5. छत पर रखे गमले में भरे पानी में
6. टूटे बर्तनो में भरे पानी में
7. पानी से भरी खुली बाल्टी में
8. घर के किसी भी हिस्से में पानी भरा होने पर वहाँ मच्छर पैदा होने लगते है|

घर के बाहर ग्रामीण इलाको में मच्छर कहां पैदा होता है (Malaria Machar )

1. नाले में जमा पानी में
2. नल या कुएं के आस पास रुके पानी में
3. खेत में भरे पानी में
4. बारिश के बाद सड़को और गड्ढो में जमा पानी में
5. तालाब में रुके पानी में
6. कूड़े के ढेर में ठहरे पानी में

मलेरिया से बचाव के उपाय कैसे करे (Malaria Prevention Tips in Hindi)

1. मच्छर से बचने के लिए घर और घर के बाहर कीटनाशक दवा का छिड़काव करे|

2. रात में नीम के तेल का दिया जलाये| नीम का तेल नहीं है, तो नीम की सुखी पत्तियों को जलाकर धुआँ करे| इससे मच्छर भाग जाते है|

3. रात को सोने से पहले शरीर पर मच्छर रोधी क्रीम लगा ले|

4. ऐसे स्थान पर सोये जहाँ मच्छर ना हो|

5. मच्छर से बचने के लिए कपडा ओढ़कर सोये|

6. मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी लगाकर सोये|

7. घर के किसी भी हिस्से में या किसी भी बर्तन में पानी जमा ना होने दे|

8. घर के बाहर बने गट्ठो में मिटटी भरकर उन्हें समतल कर दे|

9. कूलर की समय समय पर सफाई करे और इसका पानी रोजाना बदले|

10. घर की नालियों के पानी को हटाया नहीं जा सकता, इसीलिए उनमे मिट्टी का तेल डाल दे| मिट्टी का तेल डालने से नाली के पानी में मच्छर पैदा नहीं होंगे|

मलेरिया का निदान कैसे होता है (Diagnosis of Malaria)

1. ब्लड स्मीयर तैयार करने के लिए सबसे पहले ब्लड का सैंपल लिया जाता है|

2. अगर आपमें मलेरिया के लक्षण है, लेकिन पहले ब्लड स्मीयर में आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आयी, तो अगले 36 घंटो के अंदर आपका दोबारा ब्लड स्मीयर लेना होगा|

3. इलाज के दौरान ब्लड में परजीवी की संख्या कितनी कम हो रही है डॉक्टर इसकी जाँच करते है|

इस पोस्ट में आपने Malaria Ke Lakshan, कारण और बचाव के बारे में जाना| हमें पूरी उम्मीद है, कि ये पोस्ट आपके लिए काफी उपयोगी रही होगी| अगर मलेरिया से जुडी अन्य कोई जानकारी आपके पास है, तो कृपया उस जानकारी को कमेंट के माध्यम से हमारे साथ शेयर करे| अगर आप इस पोस्ट के बारे में हमसे कुछ सवाल पूछना चाहते है, तो अपना सवाल कमेंट के माध्यम से हमसे पूछ सकते है|

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