किडनी इन्फेक्शन (Kidney Infection in Hindi) के लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार

किडनी इन्फेक्शन के लक्षण और इलाज – Kidney Infection Treatment in Hindi

किडनी इन्फेक्शन को गुर्दे का संक्रमण या पाइलोनेफ्रिटिस भी कहते है| किडनी इन्फेक्शन एक विशेष प्रकार का यूरिन इन्फेक्शन अर्थात मूत्र पथ संक्रमण है, यह व्यक्ति के मूत्राशय या मूत्रमार्ग से शुरू होकर व्यक्ति के गुर्दे तक चला जाता है| किडनी इन्फेक्शन होने का मुख्य कारण बाहर का डिब्बाबंद और दूषित भोजन है| इसके साथ ही अधिक मात्रा में दवा का सेवन, अधिक मात्रा में शराब और धूम्रपान करने के कारण भी किडनी इन्फेक्शन हो जाता है|

Kidney Infection in Hindi

 

किडनी इन्फेक्शन (Kidney Infection in Hindi)

किडनी इन्फेक्शन होने पर इसका इलाज तुरंत कराना जरुरी है, लेकिन अक्सर लोग इसका इलाज समय से नहीं कराते| किडनी इन्फेक्शन इतना खतरनाक हो सकता है, कि यह आपकी किडनी को पूरी तरह खराब कर सकता है| किडनी के पूरी तरह खराब होने पर हमारा जीना असंभव है| ऐसे में किडनी इन्फेक्शन का सही समय पर इलाज बहुत जरुरी है|

किडनी इन्फेक्शन का इलाज समय पर कराने के लिए इसके शुरूआती लक्षणों और इससे बचने के लिए इसके होने के कारणो को जानना बहुत जरुरी है| इस पोस्ट में हम आपको किडनी इन्फेक्शन के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में विस्तार से बता रहे है|

किडनी इन्फेक्शन के लक्षण (Kidney Infection Symptoms in Hindi)

  • बुखार आना
  • सर्दी लगना
  • उल्टी या मतली की समस्या होना
  • शरीर का रंग पीला पड़ना
  • भूख में कमी आना
  • पेट में दर्द होना
  • सांसे फूलना
  • पेशाब में बदबू आना
  • पेशाब बार बार आना
  • पेशाब के साथ खून या मवाद आना
  • पेशाब करते समय जलन या दर्द होना

गुर्दे का संक्रमण के कारण (Kidney Infection Causes in Hindi)

  • दवाई का अधिक सेवन
  • फास्टफूड का अधिक सेवन
  • धुम्रपान
  • तम्बाकू
  • नींद कम लेना
  • वजन कम होना
  • शराब का अधिक सेवन

गुर्दे के संक्रमण के जोखिम कारक (Kidney Infection Risk Factors in Hindi)

1. गुर्दे का संक्रमण किसी को कभी भी हो सकता है , परन्तु पुरुषो की तुलना में गुर्दे का संक्रमण महिलाओं में अधिक होता है| पुरुषो की तुलना में महिलाओं का मूत्रमार्ग छोटा होता है| मूत्रमार्ग छोटा होने के कारण बाहर मौजूद बैक्टीरिया मूत्राशय तक आसानी से पहुंच जाते है| मूत्राशय तक पहुंचने के बाद बैक्टीरिया आसानी से गुर्दे तक पहुंच जाते है| माँ बनने वाली महिलाओं में गुर्दे का संक्रमण अधिक देखने को मिलता है|

2. कई बार सर्जरी के कारण या किसी अन्य बीमारी के कारण कुछ लोगो को लम्बे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ता है| अक्सर ऐसे लोग पेशाब करने के लिए मूत्र कैथेटर का इस्तेमाल करते है| मूत्र कैथेटर मूत्राशय से पेशाब निकालने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक लम्बी छड़ है| जो लोग मूत्र कैथेटर का इस्तेमाल करते है, उनमे किडनी इन्फेक्शन होने का जोखिम बढ़ जाता है|

3. जिन लोगो की प्रतिरक्षण प्रणाली कमजोर होती है, उन लोगो की किडनी में इन्फेक्शन जल्दी हो जाता है| शुगर और एचआईवी जैसी बीमारी से ग्रसित लोगो की प्रतिरक्षण प्रणाली कमजोर हो जाती है, जिसके कारण इन लोगो को किडनी इन्फेक्शन जल्दी हो जाता है|

4. वेसिकुरेटेरल रिफ्लक्स मूत्राशय से जुडी एक समस्या है| इसमें मूत्राशय से पेशाब की कुछ मात्रा वापिस गुर्दे में जाने लगती है| जिन लोगो को वेसिकुरेटेरल रिफ्लक्स की समस्या होती है, उन लोगो में गुर्दे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है|

5. मूत्राशय के आस पास की नसों में चोट लगने या किसी प्रकार की क्षति होने के कारण किडनी इन्फेक्शन होने का जोखिम बढ़ जाता है|

किडनी इन्फेक्शन का परिक्षण (Diagnosis of Kidney Infection in Hindi)

  • मूत्र परीक्षण (Urine Test)
  • यूरीन कल्चर परीक्षण (Urine Culture Test)
  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)
  • सीटी स्कैन (CT scan)
  • डिजिटल रेक्टल परीक्षण (Digital Rectal Exam)
  • वाइंडिंग सिस्टोस्टोयुरेथ्रोग्राम (Voiding Cystourethrogram)
  • डाइमरकैपसोसकसीनिक एसिड सिनटिग्राफी (Dimercapto Succinic Acid Scintigraphy)

गुर्दे का संक्रमण का इलाज (Kidney Infection Treatment in Hindi)

1. अगर आप प्राकृतिक रूप से गुर्दे के संक्रमण का इलाज करना चाहते है, तो हल्दी का इस्तेमाल करे| हल्दी एक प्राकृतिक औषधि है, जो अनेक प्रकार की बीमारियों में इस्तेमाल की जाती है| किडनी इंफेक्शन को ठीक करने के लिए रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में हल्दी पाउडर डालकर इसका सेवन करे| इसके अलावा अपने भोजन में हल्दी का इस्तेमाल करे|

2. किडनी इंफेक्शन होने पर एक गिलास पानी में दो चम्मच सेब का सिरका डालकर रोजाना दिन में दो बार इसका सेवन करे| सेब का सिरका किडनी इंफेक्शन से राहत देने का बढ़िया घरेलू नुस्खा है|

3. गुर्दे का संक्रमण होने पर जब तक संक्रमण ठीक ना हो जाये, तब तक एक से दो कली कच्चे लहसुन की चबाकर खाएं| लहसुन में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते है, जिसके कारण यह संक्रमण को दूर करने में मदद करता है|

4. गुर्दे के संक्रमण के इलाज के लिए रोजाना कुछ दिनों तक अदरक वाली चाय पियें| एक कप पानी में थोड़ा सा अदरक काटकर डाले और इस पानी को आधा होने तक उबाले| अब इस पानी का दिन में दो बार चाय की तरह सेवन करे|

5. एक कप पानी में एक चम्मच अजवाइन डालकर पानी आधा कप होने तक उबाले| अब इसे छानकर दिन में दो से तीन बार अजवाइन के इस पानी का सेवन करे| अजवाइन के इस पानी के सेवन से किडनी में बनने वाले बैक्टीरियल मेटाबॉलिज्म से छुटकारा मिलता है|

6. अगर आप गुर्दे के संक्रमण से छुटकारा पाना चाहते है, तो रोजाना कुछ दिनों तक करोंदे के जूस का सेवन करे| करोंदे के जूस में संक्रमण से निजात दिलाने के असंख्य गुण पाये जाते है|

7. एक चम्मच सेब के सिरके में दो चम्मच शहद मिलाकर रोजाना चाटने से गुर्दे में मौजूद बैक्टीरिया पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाते है, जिसके कारण गुर्दे में संक्रमण की समस्या से छुटकारा मिलता है|

8. बैकिंग सोडा के सेवन से शरीर में सोडियम बाईकार्बोनेट का स्तर बढ़ता है, जो गुर्दे के संक्रमण से बचाने में मदद करता है| ऐसे में अगर आप गुर्दे के संक्रमण का इलाज करना चाहते है, तो बैकिंग सोडे का इस्तेमाल करे|

किडनी इन्फेक्शन से बचाव (Prevention of Kidney Infection in Hindi)

1. किडनी इन्फेक्शन से बचने के लिए पानी अधिक मात्रा में पियें| पानी पीने से शरीर में मौजूद गन्दगी पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाती है| हम जितना अधिक पानी पीते है, पेशाब भी उतना ही अधिक आता है, जिसके कारण शरीर में मौजूद गन्दगी की अधिक मात्रा शरीर से बाहर निकल जाती है|

2. सिगरेट, शराब, गुटका और पान मशाला जैसी सभी नशीली चीजों से दूर रहना चाहिए| इन सभी नशीली चीजों के सेवन से किडनी पर बुरा असर पड़ता है, जिसके कारण किडनी इन्फेक्शन और किडनी से जुडी अन्य सभी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है|

3. कुछ लोग पेशाब आने पर भी पेशाब रोककर रखते है, जो लोग ऐसा करते है, उनमे किडनी इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है| ऐसा इसीलिए होता है, क्योंकि जब हम पेशाब रोककर रखते है, तब किडनी पर दबाब अधिक पड़ता है| दबाब अधिक पड़ने के कारण किडनी इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है|

4. नियमित रूप से व्यायाम और योग करके हम किडनी इन्फेक्शन सहित अनेक खतरनाक बीमारियों से बच सकते है| व्यायाम और योग करने से रक्तसंचारण सुचारु रूप से काम करता है, जिसके कारण किडनी इन्फेक्शन होने का खतरा नहीं रहता|

5. किडनी इन्फेक्शन से बचने के लिए हमें ताज़ी हरी सब्जियों का सेवन अधिक करना चाहिए और ताजे फलो का जूस और सलाद के रूप में कच्ची सब्जियों का सेवन करना चाहिए|

6. दर्द निवारक दवाइयों का अधिक सेवन करने से किडनी इन्फेक्शन और किडनी से जुडी अन्य बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है| अगर आप किडनी को स्वस्थ रखना चाहते है, तो दवाइयों का कम से कम इस्तेमाल करे|

7. मोटापा अपने आप में एक बीमारी है और इसके कारण शरीर को हजारो बीमारी लग जाती है| मोटे लोगो में किडनी इन्फेक्शन और किडनी रोग होने की सम्भावना अन्य लोगो की तुलना में अधिक होती है| ऐसे में इस रोग से बचने के लिए स्वस्थ वजन बनाये रखना बहुत जरुरी है|

8. कोल्डड्रिंक और चाय कॉफी का अधिक सेवन करने से भी किडनी इन्फेक्शन या किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है, इसीलिए इन सभी चीजों का सेवन कम से कम मात्रा में करे|

इस पोस्ट में हमने आपको किडनी इन्फेक्शन के लक्षण, कारण और इसका घरेलू इलाज कैसे किया जाये, इसके बारे में जानकारी दी| आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी, हमें कमेंट के माध्यम से बताये| अगर आपको इस पोस्ट के बारे में हमसे कोई सवाल करना है या किसी अन्य विषय पर हमसे जानकारी प्राप्त करनी है, तब आप कमेंट के माध्यम से हमें बता सकते है|

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