कपालभाती प्राणायाम कैसे करें : Kapalbhati Pranayama in Hindi with Benefits

कपालभाती प्राणायाम के फायदे

Baba Ramdev Kapalbhati in Hindi : जो लोग जीवन भर शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना चाहते है, उन्हें कपालभाती प्राणायाम ‌(Kapalbhati Pranayam) करना चाहिए। प्राणायाम के अनेक प्रकार है और उन्ही में से एक है, कपालभाती प्राणायाम| एक शोध के अनुसार रोजाना कपालभाती प्राणायाम करने से 80 से 90 % बीमारियां कम हो जाती है|

Kapalbhati Pranayama in Hindi

कपालभाती संस्कृत भाषा का शब्द है| कपालभाती शब्द कपाल और भाती दो शब्दों को मिलाकर बना है| कपाल का अर्थ होता है, माथा और भाती का अर्थ होता है, प्रकाश| रोजाना कपालभाती प्राणायाम ‌(Kapalbhati Pranayam) करने से माथे पर चमक आती है| माथे पर चमक निरोगी शरीर की पहचान है| शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ कपालभाती प्राणायाम मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है|

कपालभाती श्वाँस के द्वारा किया जाने वाला प्राणायाम ‌है| यह प्राणायाम शरीर को संतुलित बनाये रखता है| अधिकतर लोग वजन घटाने के लिए कपालभाती प्राणायाम करते है| आइये जाने कपालभाती प्राणायाम ‌कैसे किया जाता है और इसे करने के क्या क्या फायदे होते है|

कपालभाति प्राणायाम का महत्व (Importance of Kapalbhati Pranayama in Hindi)

कपालभाति प्राणायाम श्वाँस के द्वारा किया जाता है| कपालभाति प्राणायाम करते समय जब हम श्वाँस बाहर की तरफ फेकते है, तब शरीर में मौजूद 80 % विषैले तत्व श्वाँस शरीर से बाहर निकल जाते है| अगर यह प्राणायाम रोजाना किया जाये, तो शरीर पूरी तरह से विषैले तत्वों से मुक्त हो जायेगा| जो लोग रोजाना कपालभाति प्राणायाम करते है, उनका माथा हमेशा चकता रहता है| माथे का चमकना कपालभाति प्राणायाम करने वाले लोगो की पहचान है| लेकिन एक दिन में ही माथे पर यह चमक नहीं आ जाती| माथे पर चमक लाने के लिए कपालभाति प्राणायाम को रोजाना करना होगा|

कपालभाती प्राणायाम करने की विधि (How To Do Kapalbhati Pranayama in Hindi)

1. खुले और अच्छे वातावरण वाले स्थान पर आसान लगाकर बैठ जाये|

2. बैठने के बाद अपने पेट को ढीला छोड़े|

3. अब अपनी नाक से साँस बहार की तरफ छोड़ते हुए, पेट को अंदर की तरफ खींचे|

4. अपने पेट को इतना अंदर खींचे की वह रीढ़ की हड्डी को छू ले|

5. शुरुआत में जितना हो सके, केवल पेट को उतना अंदर खींचे|

6. साँस को केवल बाहर फेकने पर ध्यान दे, जैसे ही आप पेट की मासपेशियों को ढीला छोड़ेगे, वैसे ही अपने आप साँस फेफड़ो तक पहुंच जायेगी|

7. कपालभाती प्राणायाम के एक क्रम पूरा करने के लिए 20 साँस बाहर छोड़े|

8. शुरुआत में कपालभाती प्राणायाम एक से दो क्रम करे, उसके बाद इसे बढ़ाते रहे|

कपालभाती प्राणायाम के फायदे (Kapalbhati Yoga Ke Fayde in Hindi)

1. कपालभाती प्राणायाम करने से ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल में रहता है|

2. इस प्राणायाम को करने से नाड़ियों का शुद्धिकरण होता है|

3. रोजाना इस प्राणायाम को करके थायराइड और हीमोग्‍लोबिन को कण्ट्रोल किया जा सकता है|

4. मधुमेह के रोगियों के लिए यह प्राणायाम बहुत लाभकारी है, क्योंकि यह पेट की मासपेशिया सक्रीय करता है|

5. कपालभाती प्राणायाम रोजाना करने से हार्ट से जुडी बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है|

6. कपालभाती प्राणायाम से वजन कम होता है, अधिकतर लोग वजन कम करने के लिए ही इसे करते है|

7. रोजाना यह प्राणायाम करने से कब्ज की समस्या दूर होती है|

8. इस प्राणायाम को रोजाना नियमित रूप से करने पर चेहरे पर झुर्रियां नहीं होती|

9. एसिडिटी और गैस से छुटकारा मिलता है|

10. यह प्राणायाम करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल और हार्मोन्स का संतुलन बना रहता है|

11. पेट की चर्बी इस प्राणायाम को करने से अपने आप कम हो जाती है|

कपालभाती प्राणायाम से मनोवैज्ञानिक लाभ (Psychological Benefits of Kapalbhati Pranayama in Hindi)

  • दिमाग हमेशा शांत रहता है
  • मानसिक बीमारिया दूर होती है
  • यह प्राणायाम करने से तनाव दूर होता है
  • नकारात्मक विचार दिमाग में नहीं आते
  • याद रखने की शक्ति बढ़ती है
  • चेतना का स्तर पहले से बढ़ जाता है

कपालभाती प्राणायाम करते समय क्या ना करे

1. पीरियड के दौरान कपालभाती प्राणायाम ना करे|

2. जो लोग बैक पैन, स्लिप डिस्क, हर्निया, मिर्गी और स्टेंट के मरीज है, वो लोग कपालभाती प्राणायाम ना करे|

3. सर्जरी होने के कुछ दिन बाद तक भी यह प्राणायाम नहीं करना चाहिए|

4. हाइपरटेंशन रोगियों को कपालभाती प्राणायाम किसी योग गुरु के प्रशिक्षण में करना चाहिए|

5. गर्भावस्था के दौरान और डिलीवरी के कुछ महीनो बाद तक भी यह प्राणायाम नहीं करना चाहिए|

इस पोस्ट में आपने कपालभाती प्राणायाम के फायदे और कपालभाती प्राणायाम कैसे किया जाता है, इसके बारे में जाना| कपालभाती प्राणायाम करने के अनेक फायदे है, इसीलिए इसे जरूर करे| कपालभाती प्राणायामनिरोगी जीवन जीने का सस्ता और आसान उपाय है| आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी, हमें कमेंट करके बताये|

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