जाने पीलिया (Jaundice) के लक्षण : Jaundice Symptoms in Hindi Language

Piliya Jaundice Symptoms in Adults Hindi

पीलिया के लक्षण (Jaundice Symptoms in Hindi Language) : पीलिया जिसे अंग्रेजी में जॉइंडिस भी कहते है, यह गर्मियों में होने वाली सामान्य बीमारियों में से एक है| गर्मियों में तेज प्यास लगने पर लोग बाहर का पानी पी लेते है| बाहर का पानी गदा और दूषित होता है, जिसके कारण पीलिया का रोग हो जाता है|

Jaundice Symptoms in Hindi

हेपेटाइटिस ए एक वायरस है| यह वायरस संक्रमित और दूषित खाने और गंदे पानी से फैलता है| अधिकतर पीलिया (Jaundice) इसी वायरस के कारण होता है| जो बीमारियां लिवर पर असर डालती है, उनके कारण भी पीलिया होने का खतरा बढ़ जाता है| पीलिया का इलाज समय पर करना जरुरी होता है| शुरूआती समय में पीलिया के लक्षणों को जानकर इसका इलाज आसानी से हो जाता है|

आपको पीलिया है या नहीं ? यह जानने के लिए आपको पीलिया की पहचान होना जरुरी है| पीलिया की पहचान आप पीलिया के लक्षणों को जानकर ही कर सकते है| पीलिया जानलेवा नहीं है, लेकिन समय पर इसका इलाज ना होने पर यह जानलेवा हो जाता है| एक शोध के अनुसार भारत में पीलिया से हर साल हजारो लोगो की मौत हो जाती है|

इसका कारण समय पर इलाज ना मिल पाना है| इस पोस्ट में हम आपको Piliya Ke Lakshan in Hindi के बारे में बतायेगे| पीलिया के लक्षणों को जानकर, आपको इसका इलाज कराने में आसानी होगी| तो चलिए जाने पीलिया जॉइंडिस के लक्षण के बारे में विस्तार से|

पीलिया के लक्षण (Piliya Ke Lakshan in Hindi)

1. त्वचा में पीलापन : त्वचा में पीलापन होना यह पीलिया का सबसे सामान्य लक्षण है| पीलिया होने पर स्किन का रंग में पीलापन आ जाता है| पीलिया की शुरुआत में यह लक्षण सही से नजर नहीं आता, लेकिन पीलिया के बढ़ने के साथ त्वचा पर पीलापन साफ़ नजर आने लगता है| पीलिया का यह लक्षण शरीर के कुछ अंगो पर सबसे ज्यादा नजर आता है| इन अंगो के बारे में हम आगे आपको बतायेगे|

2. हथेलियों और नाखुनो का रंग बदलना : हाथो और नाखुनो का रंग देखकर भी पीलिया का पता लगाया जा सकता है| हाथो और नाखुनो का रंग पीला होना पीलिया का शुरूआती और सबसे मुख्य लक्षण है| पुराने ज़माने में हाथो और नाखुनो का रंग देखकर ही पीलिया का पता लगाया जाता था|

4. पेशाब का गहरा होना : पीलिया होने पर पेशाब का रंग गहरा हो जाता है| ऐसा इसीलिए होता है, क्योंकि पीलिया होने पर लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cell) पहले बिलिरुबिन में बदलती है और फिर बाइल पिगमेंट में बदल जाती है| जिसके कारण पेशाब में बाइल पिगमेंट की संख्या बढ़ जाती है| पेशाब में बाइल पिगमेंट की संख्या बढ़ने के कारण पेशाब का रंग गहरा हो जाता है| कुछ लोगो के पेशाब का रंग पीलिया में पीला भी हो जाता है|

5. थकान होना : थकान होना पीलिया का मुख्य और शुरूआती लक्षण है| पीलिया के कारण शरीर में कमजोरी आ जाती है, जिसके कारण व्यक्ति को हर समय थकान का अनुभव होता है| थकान के कारण पीलिया होने पर मरीज का कुछ भी करने का मन नही करता|

6. मल का पीला होना : मल का रंग देखकर भी पता लगाया जा सकता है, कि आपको पीलिया हुआ है या नहीं ? पीलिया होने पर मल का रंग हल्का पीला हो जाता है| पीलिया के मरीज को पीले रंग के मल के साथ साथ दस्त की समस्या भी होने लगती है| ऐसे में मरीज को बार बार वाशरूम जाना पड़ता है|

7. खुजली होना : पीलिया रोग कोलेस्टासिस के कारण भी हो सकता है| कोलेस्टासिस के कारण पीलिया होने पर पीलिया के मरीज को खुजली की समस्या होने लगती है| पीलिया के कारण होने वाली खुजली रात में बढ़ जाती है| शुरुआत में खुजली हाथो और पैरो में होती है, लेकिन जैसे जैसे पीलिया बढ़ता है, खुजली पुरे शरीर में फ़ैल जाती है|

8. पेट दर्द होना : बिले डक्ट (Billy Duct) में बिलिरूबिन की रुकावट होने के कारण भी पीलिया की बीमारी हो जाती है| बिले डक्ट (Billy Duct) में बिलिरूबिन की रुकावट अक्सर बाइल डक्ट में सूजन आने के कारण या फिर गालस्टोन के रूप में होती है| बिलिरूबिन की रुकावट के कारण शरीर में पिगमेंट का लेवल बढ़ जाता है| ऐसा होने पर अधिकतर लोगो के पेट में दर्द होने लगता है| पीलिया के कारण होने वाला ये पेट दर्द अधिकतर पेट के सीधे हिस्से में होता है|

9. उल्टी आना : पीलिया होने पर कुछ लोगो को मतली और उल्टी की समस्या भी होने लगती है| ऐसा होने पर अगर समय पर ठीक तरीके से इलाज ना कराया जाये, तो आगे जाकर ये प्रॉब्लम बढ़ने लगती है और गंभीर रूप ले लेती है|

10. नींद में परेशानी : पीलिया के मरीज को नीद से जुडी परेशानियां होने लगती है| जैसे कुछ लोगो को नींद नहीं आती, कुछ लोगो को थकान के कारण नींद बहुत ज्यादा आती है| नींद में परेशानी होने के साथ साथ कुछ लोगो को भावनात्मक कष्ट का सामना भी करना पड़ता है|

11. खून की कमी : पीलिया होने पर शरीर में खून की कमी आ जाती है| खून की कमी आने के कारण ही पीलिया में शरीर का रंग पीला पड़ने लगता है| शरीर में जो थोड़ा बहुत खून बचता है, वह खून बिलिरूबिन से संक्रमित हो जाता है| खून की कमी ज्यादा होने पर रोगी की हालत बहुत खराब हो जाती है|

12. नवजात शिशु में पीलिया के लक्षण : बच्चो में होने वाला पीलिया वयस्कों में होने वाले पीलिया से बहुत अलग होता है, इसीलिए बच्चो और वयस्कों में पीलिया के लक्षण भी अलग अलग होते है| लिवर की बीमारी के कारण बच्चो को पीलिया नहीं होता| बच्चो का लिवर कमजोर होता है| बच्चो के लिवर में इतनी क्षमता नहीं होती, कि वह बिलिरुबिन को कम कर सके| जिसके कारण बच्चे के खून में बिलिरुबिन जमा हो जाता है, जो पीलिया होने का बड़ा कारण है| बच्चो में होने वाले पीलिया के मुख्य लक्षण निम्न है –

1. तेज तेज लगातार रोते रहना
2. भूख कम लगना
3. नींद में कमी
4. आँखों में पीलापन
5. त्वचा का पीला पड़ना

दोस्तों इस पोस्ट में हमने आपको पीलिया के लक्षण (Jaundice Symptoms in Hindi) के बारे में बताया| जॉइंडिस के शुरूआती लक्षण के बारे में जानकर आपको इस बीमारी का इलाज कराने में आसानी होगी| अगर आप इस पोस्ट के बारे में हमसे कुछ सवाल करना चाहते है, तो आप पोस्ट के निचे बने कमेंट बॉक्स में कमेंट के माध्यम से अपना सवाल हमसे पूछ सकते है| हेल्थ से जुड़े अन्य आर्टिकल को पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट को रोजाना पढ़े|

Disclaimer:- All content is good for health but you should take advice from Doctor before using them. We are not responsible for any harm.

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

2 × three =