घुटनों में दर्द का आयुर्वेदिक इलाज व घुटनों का दर्द का उपाय उपचार

घुटनों में दर्द का उपाय, उपचार और आयुर्वेदिक इलाज

घुटनों का दर्द का जड़ से इलाज करने का तरीका : घुटनों में दर्द आजकल एक आम समस्या बन गयी है| पहले के समय में घुटनों में दर्द होना बुढ़ापे की निशानी माना जाता था, लेकिन आजकल की बदलती जीवनशैली और खाने पीने की गलत आदतों के चलते घुटनों में दर्द की समस्या कम उम्र में ही लोगो को अपनी गिरफ्त में ले रही है|

Knee Pain in Hindi

 

घुटनों में दर्द (Knee Pain in Hindi)

घुटनों में दर्द होने के कई कारण हो सकते है, जैसे कई बार घुटने में दर्द कार्टिलेज के फटने के कारण होता है, कई बार लिगामेंट के टूटने के कारण होता है और कई बार घुटने की यह समस्या संक्रमण, गाउट और गठिया जैसे रोगो के कारण भी हो सकती है घुटने का दर्द होने पर इसे नजरअंदाज ना करे| सबसे पहले इसके होने के कारण का पता लगाए और उसके बाद इसका इलाज करे|

घुटनों में होने वाला दर्द अगर हल्का है, तो इसे छोटे छोटे घरेलू उपायों से और देखभाल के माध्यम से ठीक किया जा सकता है, इसके विपरीत अगर घुटने में तेज दर्द होता है, तो कई बार इसके इलाज में फिजीकल थेरेपी की जरुरत भी पड़ जाती है| कई बार दर्द बढ़ने पर इस दर्द के निवारण के लिए सर्जरी भी करनी पड़ जाती है| इलाज की प्रकिर्या घुटनों में दर्द के कारण और दर्द की तीव्रता पर निर्भर करती है|

घुटनों में दर्द के लक्षण (Knee Pain Symptoms in Hindi)

  • घुटनों में दर्द रहना
  • चलते समय घुटने का दर्द बढ़ना
  • घुटने को पूरी तरह सीधा ना कर पाना
  • घुटने में सूजन
  • खड़े होने में परेशानी होना
  • घुटनों का सख्त होना
  • घुटने से आवाज आना
  • ठंडे मौसम और ठंडी चीजे खाने से दर्द बढ़ना
  • घुटने को छूने से दर्द होना
  • समय के साथ साथ घुटने का दर्द बढ़ना

घुटनों में दर्द के कारण (Knee Pain Causes in Hindi)

श्रोणि विकार – श्रोणि विकार के कारण भी घुटने में दर्द हो सकता है| इलियोटिबियल बैंड सिंड्रोम श्रोणि में लगने वाली चोट है, इस चोट का दर्द श्रोणि से घुटने के बाहर तक चला जाता है|

डिस्लोकेशन – हड्डियों के जोड़ो का अपनी जगह से उखड़ना डिस्लोकेशन कहलाता है| घुटने की ऊपरी हड्डी का जब डिस्लोकेशन हो जाता है अर्थात हड्डी अपने स्थान से हट जाती है, तब घुटने में तेज दर्द होने लगता है| डिस्लोकेशन की समस्या अधिकतर चोट या आघात के कारण होती है|

अस्थिसंधिशोथ – अस्थिसंधिशोथ में घुटनों की स्थिति खराब हो जाती है, जिसके कारण घुटने में दर्द, सूजन और घुटने से जुडी अन्य समस्याएं होने लगती है|

मोटापा – मोटापे के कारण भी घुटने में दर्द हो सकता है| मोटापे के कारण घुटनों पर अधिक भार पड़ता है, जिसके कारण घुटने का कार्टिलेज घिसने लगता है| जिसके कारण घुटनों में दर्द होने लगता है| घुटनों के सिरों की हड्डियों पर दबाव अधिक पड़ने से घुटने का दर्द और बढ़ जाता है|

टेंडिनाइटिस – टेंडिनाइटिस हड्डी से जुडी एक बीमारी है| टेंडिनाइटिस होने पर घुटने के अगले हिस्से में दर्द होने लगता है| घुटने में होने वाले ये दर्द सीढ़ियां चढ़ते और उतरते समय और बढ़ जाता है|

हड्डियों में ट्यूमर – हड्डियों में ट्यूमर होने के कारण भी हड्डियों में दर्द और अनेक प्रकार की परेशानियां होने लगती है, जो घुटने के दर्द का कारण बनती है|

संधिशोथ – यह दीर्घकालिक सूजन से जुड़ा Autoimmune Disorder है| इसके कारण सूजन होने लगती है| जिसके कारण हड्डियों में विकृति पैदा हो जाती है और अनेक प्रकार का नुकसान होने लगता है| यह घुटने के दर्द का भी कारण बन सकता है|

गाउट – गाउट घुटने से जुड़ा एक रोग है| वास्तव में गाउट गठिया का ही रूप है| गठिया की तरह यह भी यूरिक एसिड बनने के कारण होता है| यह घुटने के दर्द का कारण बन सकता है|

मेनिस्कस टियर – घुटने के कार्टिलेज में होने वाली टूटफूट को मेनिस्कस टियर कहते है, इस समस्या के होने पर भी घुटने में दर्द होने लगता है|

लिगामेंट का टूटना – लिगामेंट दो हड्डियों को आपस में जोड़ने वाला शेदार और लचीला ऊतक है| घुटने में चार लिगामेंट होते है, चारो में से किसी एक भी लिगामेंट के टूटने के कारण घुटने में तेज दर्द होने लगता है|

बेकर्स सिस्ट – बेकर्स सिस्ट घुटने से जुडी एक बीमारी है| इस बीमारी के कारण घुटने के पीछे सिनोवियल द्रव बनने लगता है, जिसके कारण घुटने में दर्द, सूजन और जकड़न जैसी परेशानियां होने लगती है|

बर्साइटिस – बर्साइटिस घुटने से जुडी समस्या है| यह समस्या घुटने में चोट लगने या बिना कारण घुटने का अधिक इस्तेमाल करने के कारण होती है| यह घुटने के दर्द का कारण बन सकती है|

घुटनों के क्रॉनिक दर्द बढ़ने के अन्य कारण –

  • घुटनों का अधिक इस्तेमाल करना
  • घुटनों में मरोड़ आना
  • घुटनों में संक्रमण होना
  • गलत तरीके से व्यायाम या अभ्यास करना
  • घुटने के ढांचे पर सूजन आना या चोट लगना

घुटनों में दर्द से बचाव (Prevention of Knee Pain in Hindi)

1. अगर आप घुटनों के दर्द से बचना चाहते है, तो अपना वजन कण्ट्रोल में रखे| इससे घुटनों पर अतरिक्त वजन नहीं पड़ेगा, जिसके कारण घुटनों का स्वास्थ्य बना रहेगा और घुटनों में दर्द जैसी समस्या नहीं होगी|

2. घुटने के दर्द से बचने के लिए आप स्विमिंग भी कर सकते है| स्विमिंग इससे बचने का बेहतर विकल्प है|

3. अगर आप घुटनों के दर्द से बचना चाहते है, तो रोज सुबह शाम 25 से 30 मिनट तेज कदमो से चले| तेज दौड़ने से चलना आपके घुटनों के लिए अच्छा व्यायाम है|

4. व्यायाम और योग के गलत तरीको के कारण शरीर और घुटनों में दर्द होने लगता है| आपको चाहिए की व्यायाम और योग का सही तरीका ही अपनाएं|

5. घुटने के दर्द से बचने के लिए एंटीऑक्सीडेंट युक्त ताजे फलो और हरी पत्तेदार सब्जियों का भरपूर मात्रा में सेवन करे|

6. खेलने कूदने, व्यायाम और योग जैसे किर्याकलाप करने से मांसपेशियों में लचीलापन आता है, जिसके कारण घुटनों में दर्द की समस्या नहीं होती|

7. घुटनों के दर्द से बचने के लिए ऐसे व्यायाम करे जिससे आपकी जांघ की मांसपेशियों को मजबूती मिले और उनमे लचीलापन आये|

8. कब्ज और पेट से जुडी अन्य समस्या भी आगे चलकर कई बार घुटनों में दर्द का कारण बनती है, इसीलिए अपने पेट को हमेशा ठीक रखे|

घुटनों में दर्द का परीक्षण (Diagnosis of Knee Pain in Hindi)

  • शारीरिक परीक्षण (Physical Testing)
  • एक्स-रे (X-Ray)
  • सी.टी स्कैन (CT Scan)
  • एमआरआई (MRI)
  • लेब टेस्ट (Lab Test)

घुटने के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज (Knee Pain Ayurvedic Treatment in Hindi)

ओवरवेट होना घुटनों के दर्द का सबसे बड़ा कारण है| ओवरवेट होने से घुटनों पे अतरिक्त दवाब पड़ता है, जिसके कारण घुटने में दर्द या अन्य समस्या होने लगती है| इसके अलावा शरीर में कैल्शियम की कमी होने, फिजिकल एक्टिविटी कम करने और गठिया और अर्थराइटिस जैसी बीमारियों के कारण भी घुटने में दर्द होने लगता है| घरेलू और आयुर्वेदिक नुस्खों के माध्यम से घुटने के दर्द का इलाज किया जा सकता है| आइये जाने घुटने के दर्द का इलाज कैसे करे|

हल्दी – हल्दी में अनेक प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते है| घुटने का दर्द दूर करने का यह प्राकर्तिक और प्रभावी तरीका है| हल्दी में पाया जाने वाला कुरक्यूमिन नामक तत्व शरीर में एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है, जिसके कारण दर्द से राहत मिलती है| एक कप पानी में आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर और थोड़ा अदरक डालकर कुछ देर के लिए उबाले| अब इसे छलनी से छान ले और गुनगुना रहने पर इसमें शहद मिलाकर पियें| घुटने के दर्द को दूर करने के लिए एक गिलास दूध में हल्दी और शहद मिलाकर पीने से भी लाभ होता है|

ध्यान रखे शहद का इस्तेमाल बहुत अधिक गर्म पानी या अधिक गर्म दूध में ना करे| इसके साथ ही जो लोग खून को पतला करने की दवा ले रहे है, वो लोग इस घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल ना करे, क्योंकि हल्दी खून को पतला करने का काम करती है|

लाल मिर्च – लाल मिर्च में कैप्साइसिन नामक तत्व मौजूद होता है| यह तत्व दर्द निवारक का काम करता है, इसीलिए घुटने के दर्द से छुटकारा पाने के लिए लाल मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है| दो चम्मच लाल मिर्च पाउडर में तेल मिलाकर पेस्ट तैयार कर ले| अब इस पेस्ट को अपने घुटनों पर कुछ देर तक लगाए| इस घरेलू नुस्खे को कुछ दिनों तक दिन में दो बार अपनाने से घुटने के दर्द में राहत मिलेगी|

ठंडी सेक – ठंडी सेक घुटने का दर्द दूर करने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है| घुटनों की ठंडी सेक करने से रक्त वाहिकाओं में कसाव आता है, जिसके कारण सूजन घटती है और रक्त प्रवाह भी कम होता है| ठंडी सेक करने के लिए बर्फ के कुछ टुकड़ो को एक सूती कपडे में लपेट ले| अब इस कपडे को अपने घुटने पर 15 से 20 मिनट के लिए घुमाएं| इससे आपका दर्द धीरे धीरे गायब होने लगेगा|

नींबू – अगर गठिया के कारण घुटने में दर्द हो रहा है, तो इसे ठीक करने के लिए नींबू का इस्तेमाल किया जा सकता है| नींबू में साइट्रिक एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है| जिसके कारण यूरिक एसिड क्रिस्टल को घोलने का काम करता है|

एक गिलास पानी में एक नींबू का रस मिलाकर पियें| इसके साथ ही एक नींबू को छोटे छोटे टुकड़ो में काट ले और एक कपडे में बांध ले| अब इस कपडे को गर्म तिल के तेल में डुबोये| अब इस कपडे को तेल से निकालकर 5 से 10 मिनट के लिए अपने घुटनों पर रखे| दिन में दो से तीन बार कुछ दिनों तक ऐसा करने से घूटने का दर्द गायब हो जायेगा|

अदरक – गठिया या मांसपेशियों में तनाव के कारण अगर घुटने में दर्द हो रहा है, तो अदरक का इस्तेमाल करे| अदरक में एंटी़फ्लेमेबल गुण पाए जाते है, जिसके कारण घुटने के दर्द और सूजन को कम करता है|

अदरक को छोटे टुकड़े में काट ले| अब इस टुकड़े को एक कप पानी में तब तक उबाले, जब तक पानी आधा कप ना रह जाये| अब इस पानी को ठंडा करके इसमें शहद और नींबू का रस मिलाकर पियें| इसके अलावा घुटने के दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप अदरक के तेल से घुटने की मालिश भी कर सकते है|

सेब का सिरका – सेब के सिरके में अनेक प्रकार के तत्व पाए जाते है, जो घुटने के दर्द को कम करने में सहायक है| सेब का सिरका हानिकारक विषाक्त पदार्थों का नाश करता है और घुटनों के जोड़ो के बीच खनिज एकत्र करके उन्हें मजबूत बनाता है|

दो कप पीने के साफ़ पानी में दो चम्मच सेब का सिरका मिलाएं| अब जब तक घुटने का दर्द पूरी तरह ठीक ना हो जाये, तब तक इस घरेलू नुस्खे को दिन में कई बार अपनाएं|

घुटने का दर्द की दवा (Ghutna Dard Ki Dawa)

हल्दी का यह पेस्ट घुटने के दर्द की बढ़िया दवा है| घुटने के दर्द के लिए हल्दी पेस्ट बनाने के लिए एक चम्मच हल्दी पाउडर में, थोड़ी मात्रा में शहद, एक चम्मच चीनी, एक चुटकी चूना और थोड़ा पानी डालकर पेस्ट तैयार कर ले| अब इस लेप को अपने घुटने पर रात को सोने से पहले लगाएं और ऊपर से कोई सूती कपडा बांध दे| पूरी रात लगा रहने के बाद अगले दिन सुबह इस लेप को पानी से धो ले| एक से दो हफ्ते तक रोजाना इस लेप के इस्तेमाल से घुटने का दर्द, सूजन, मांसपेशियों में खिंचाव और घुटने की जकड़न दूर हो जायेगी|

इस पोस्ट में हमने आपको घुटनों के दर्द की दवा और घुटने के दर्द का इलाज कैसे करे, इस बारे में विस्तार से बताया| आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी, हमें कमेंट करके बताएं| अगर इस पोस्ट को पढ़कर आपको फायदा हुआ, तो दूसरे लोगो को भी ये पोस्ट जरूर पढ़ाएं|

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