जानें कब्ज के कारण और उपाय Constipation Symptoms in Hindi

Constipation यह एक ऐसी समस्या है, जिससे हर व्यक्ति कभी न कभी पीड़ित होता है| Constipation को हिंदी में कब्ज भी कहते है| कब्ज से पीड़ित लोगो की संख्या भारत सही पुरे विश्व में तेजी से बढ़ती चली जा रही है| इसका कारण है, खाने पीने की गलत आदते और खराब जीवनशैली| कब्ज की समस्या की कोई उम्र नहीं ये समस्या किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकती है| कब्ज की समस्या से पीड़ित व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से परेशान रहता है| (ये भी पढ़े – पेट साफ करने के उपाय)

Constipation in Hindi

मल त्यागना एक सामान्य किर्या है, कब्ज के कारण इस किर्या में बाधा पैदा हो जाती है| Constipation अर्थात कब्ज के कारण व्यक्ति को मल त्यागने में दिक्कत होती है, कभी कभी तो मल आता ही नहीं| कब्ज की समस्या के कारण मल त्यागने में बहुत अधिक समय लगता है, क्योंकि कब्ज से पीड़ित व्यक्ति को मल त्यागने में जोर लगाना पड़ता है|

कब्ज होने पर पेट में दर्द, पेट में भारीपन और पेट फूलने जैसी प्रॉब्लम होने लगती है| कब्ज एक सामान्य बीमारी है, लेकिन अगर लम्बे समय तक इसका इलाज ना कराया जाएँ, तो इसके परिणाम घातक हो सकते है|

कब्ज क्या है (What is Constipation in Hindi)

कब्ज अर्थात मल त्यागने में समस्या होना या कड़ा मल त्यागना| शरीर में पानी और फाइबर की कमी के कारण कब्ज की समस्या पैदा होता है| पानी और फाइबर की कमी के कारण भोजन आंतो से भोजन धीरे धीरे खिसकता है| जो थोड़ा बहुत पानी होता है, उसे बड़ी आंत सोख लेती है| इसके कारण मल कड़ा हो जाता है और फिर मल त्यागने में जोर लगाना पड़ता है|

अगर आप चाहे तो कब्ज की समस्या से अपना बचाव कर सकते है| कब्ज से बचाव और कब्ज का इलाज करने से पहले आपको बचाव के लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए| इस पोस्ट में आप बचाव कब्ज के लक्षणों (Constipation Symptoms in Hindi) के बारे में पढ़ेंगे| इससे आपको कब्ज से बचाव करने में आसानी होगी|

कब्ज होने के कारण (Constipation Symptoms in Hindi)

निष्क्रियता (Inactivity) – आजकल लोग पहले की अपेक्षा अधिक आलसी और निष्क्रिय हो गए है| कब्ज की समस्या बढ़ने का ये एक बड़ा कारण है| अधिक समय बैठे रहने से आंते सक्रीय नहीं रहती, जिसके कारण खाना आंत में एक जगह पे जमा हो जाता है| जब अधिक मात्रा में खाना आंतों में जमा हो जाता है, तो यह कब्ज का रूप ले लेता है|

आहार (Diet) – अगर आप अपने भोजन में पर्याप्त मात्रा में फाइबर नहीं लेते, तो आपको कब्ज की प्रॉब्लम होने लगती है| शरीर में फाइबर और पानी की कमी के कारण अधिकतर लोग कब्ज से पीड़ित होते है| आजकल लोग जंक फ़ूड जैसे पिज़्ज़ा, बर्गर, चाउमीन खाना अधिक पसंद करते है| ये चीजे शरीर के लिए बहुत हानिकारक है| इन चीजों के सेवन से कब्ज सही पेट से जुड़े अनेक रोग हो जाते है| जो लोग जल्दी में और बिना चबाये खाना खाते है, उन्हें भी कब्ज की समस्या होने लगती है|

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आदतें (Habits) – बीड़ी, शराब और सिगरेट जैसी नशीली चीजों का सेवन करने जैसी खराब आदतो के कारण भी कब्ज की प्रॉब्लम हो जाती है| जो लोग अधिक मात्रा में कोल्ड ड्रिंक पीते है, उनमे कब्ज की प्रॉब्लम होने के चांस बढ़ जाते है|

दवाईयां (Medicines) – आपको जानकर हैरानी होगी कि कुछ दवा का सेवन करने से भी कब्ज की प्रॉब्लम होने लगती है| खून बढ़ाने की दवाई, तनाव कम करने की दवाई, कैल्शियम कार्बोनेट और एल्युमीनियम हीड्राकसीड युक्त दवाईयों के अधिक सेवन से कब्ज होने के चांस बढ़ जाते है|

जल (Water) – शरीर में जल अर्थात पानी की कमी कब्ज का कारण है| हम जो खाना खाते है, उसके पाचन के लिए हर दिन शरीर को लगभग 10 से 12 गिलास पानी की जरूरत पड़ती है| खाने के एकदम बाद अधिक मात्रा में पानी पीने से पाचन किर्या खराब होती है, इसीलिए खाना खाने के तुरंत बाद पानी ना पियें| खाने के एक घंटे बाद अधिक पानी पी सकते है|

बीमारी (Disease) – पाचन शक्ति कमजोर होने पर भी कब्ज की समस्या होती है| अनेक ऐसे रोग होते है, जिनके कारण पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, और फिर कब्ज की प्रॉब्लम शुरू हो जाती है| यहाँ हम कुछ ऐसी बीमारियों के नाम बता रहे है, जो कब्ज की समस्या पैदा करती है|

  • बड़ी आंत का कैंसर
  • शारीरिक और मानसिक तनाव
  • मधुमेह
  • पित्त की पथरी
  • थायराइड

गर्भावस्था (Pregnancy) – जैसे जैसे गर्भावस्था में महिला के गर्भ का आकर बढता जाता है, वैसे वैसे बड़ी आंत पर दबाव पड़ने लगता है| बड़ी आंत पर दबाव के कारण कब्ज की प्रॉब्लम हो जाती है| प्रेगनेंसी के दौरान Progesterone हार्मोन के कारण आंतो की गति कम होने के कारण भी कब्ज की प्रॉब्लम होती है|

कब्ज का इलाज (Treatment for Constipation in Hindi)

1. कब्ज की प्रॉब्लम होने पर पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए| कब्ज के कारणों में हम आपको बता चुके है, कि शरीर में पानी की कमी के कारण कब्ज की प्रॉब्लम होती है, इसीलिए इस प्रॉब्लम से बचने के लिए रोजाना 12 से 14 गिलास पानी पीने की आदत डाले|

2. ईसबगोल आसानी से दुकानों पर मिल जाता है| कब्ज और दस्त के इलाज का यह रामबाण घरेलू नुस्खा है| रात को सोने से पहले पानी या दूध में ईसबगोल की दो से तीन चम्मच भिगोकर रखे और सुबह इसमें चीनी डालकर खाये|

3. अलसी के बीज का पाउडर बनाकर सोने से पहले एक चम्मच पानी के साथ लेने से कब्ज में आराम मिलता है|

4. अगर आप चाहते है, कि आपको कब्ज की प्रॉब्लम ना हो, तो बाहर का भोजन ना करे| घर का बना साफ़ और कम तला भुना खाना खाये| खाने में ताजे फलो और हरी पत्तेदार सब्जियों का का सेवन करे| समय पर और भूख के अनुसार खाना खाये| खाने के साथ सलाद खाये|

5. कब्ज की प्रॉब्लम से छुटकारा पाने और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना व्यायाम करने की आदत डाले| अगर व्यायाम करने के लिए आपके पास समय नहीं है, तो पैदल बाजार जाएँ| लिफ्ट के स्थान पर सीढ़ियों का इस्तेमाल करे|

6. रात को सोने से पहले मुनक्खा को पानी में भिगोकर रख दे| सुबह खाली पेट मुनक्खा को चबाकर खाये और फिर मुनक्खा का पानी पी ले| इससे कब्ज में काफी आराम मिलेगा|

इस पोस्ट में आपने कॉन्स्टिपेशन सिम्पटम्स इन हिंदी के बारे में जाना| हमें पूरी उम्मीद है, कि ये पोस्ट आपके लिए लाभकारी होगी| पोस्ट के बारे में अगर आपका कोई भी सवाल है, तो अपना सवाल आप कमेंट के माध्यम से हमसे पूछ सकते है| आपने ये पोस्ट इलाजनुस्खे.कॉम पर पढ़ी|

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