खूनी बवासीर का इलाज व घरेलू उपचार : Bawaseer Desi Treatment in Hindi

 Bawaseer Treatment in Hindi at Home

आयुर्वेदिक तरीके से बवासीर का इलाज { जड़ से खत्म } : Bawasir Ka Ilaj बवासीर दो प्रकार की होती है, खूनी बवासीर और बादी बवासीर| इस पोस्ट में हम आपको दोनों प्रकार की Bawasir Ka Ilaj और उपचार घर पर करना बतायेगे| बवासीर रोग जितना दर्दनाक होता है, उतना ही शर्मनाक भी| बवासीर से पीड़ित अधिकतर लोग शर्म के कारण इस रोग को दुसरो से बताने से डरते है| जिसका परिणाम ये होता है, कि ये रोग बहुत अधिक बढ़ जाता है| बवासीर कोई ऐसी बीमारी नहीं है, जो अपने आप समय के साथ ठीक हो जाये| इस बीमारी को ठीक करने के लिए इसका इलाज कराना ही पड़ता है| (जाने – पाइल्स का इलाज)

Bawaseer Ka Ilaj

जो लोग इस बीमारी को छुपाते है, वो ना चाहते हुए भी अपनी इस बीमारी को बढ़ा लेते है| अगर आप इस बीमारी को बढ़ने से रोकना चाहते है, तो बिना समय खोये इस बीमारी का समय पर सही इलाज कराये| सही इलाज मिलने पर इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है| इस पोस्ट में बवासीर का इलाज करने के कुछ घरेलू और प्रवाभी नुस्खों के बारे में बताया जा रहा है| ये नुस्खे Babasir Ka Upchar करने में सहायक है| तो चलिए जाने Bawaseer Ka Ilaj बिना दवा के कैसे करे|

Contents

बवासीर के उपचार के नुस्खे (Bawaseer Treatment in Hindi)

पपीते के फायदे बवासीर के उपचार में (Papaya Benefits for Bawasir in Hindi)

खुनी बवासीर और कब्ज के इलाज के लिए पपीते को अच्छा फल माना जाता है| पपीते में पपैन एंजाइम पाया जाता है| यह एंजाइम पाचन के लिए सबसे शक्तिशाली पाचन एंजाइम माना जाता है| ऐसे में रोजाना पपीते का सेवन करे| कच्चे पपीते को आप सलाद के रूप में भी खा सकते है| यह आसानी से पचने वाला फल है, और आसानी से भी मार्किट में मिल जाता है|

छाछ से करे बवासीर का इलाज (Bawaseer Treatment with Buttermilk in Hindi)

बवासीर से बचने और इसके इलाज के लिए छाछ बहुत लाभकारी है| बवासीर के लिए यह अच्छा घरेलू उपाय है| एक गिलास छाछ में एक चुटकी अजवाइन पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाकर रोजाना पीने से बवासीर रोग में काफी आराम मिलता है| बवासीर रोगियों को इस घरेलू नुस्खे का सेवन रोजाना करना चाहिए| कब्ज जैसी पेट से जुडी बीमारियों में भी छाछ का सेवन लाभकारी है|

काला जीरा बवासीर की अचूक दवा (Bawaseer Treatment with Cumin Seeds in Hindi)

हर घर में मौजूद काला जीरा बवासीर की अचूक दवा का काम करता है| भारत में बवासीर का घरेलू इलाज करने के दौरान काले जीरे का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किया जाता है| बवासीर के दर्द और सूजन को कम करने के लिए पानी में जीरा पाउडर मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना ले| अब इस पेस्ट को 15 से 20 मिनट के लिए सूजन वाले हिस्से पर लगाए| इस घरेलू उपाय से बवासीर और बवासीर के लक्षण धीरे धीरे खत्म हो जायेगे|

खूनी बवासीर ट्रीटमेंट के लिए बादाम खाये (Almond for The Treatment of Bawaseer in Hindi)

बवासीर के इलाज और बचाव के लिए बादाम का सेवन लाभकारी है| बादाम में अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जिसके कारण यह आंतो को काम करने में मदद करता है| बवासीर के इलाज के दौरान रोजाना तीन से चार बादाम खाने से बहुत फायदा होता है| ध्यान रहे अच्छे रिजल्ट के लिए बादाम को चबाकर खाये| खुजली और सूजन को कम करने के लिए प्रभावित स्थान पर बादाम का तेल लगाए| इससे काफी राहत मिलती है| बाहरी बवासीर के लिए यह अच्छा घरेलू नुस्खा है|

बवासीर में बर्फ के फायदे (Ice Benefits of Bawaseer in Hindi)

बवासीर में सूजन, दर्द और खुजली होना सामान्य बात है| बवासीर में होने वाली इन सभी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए बर्फ का इस्तेमाल करे| सूजन वाले स्थान पर 10 से 15 मिनट के लिए बर्फ रगड़ने से सूजन, दर्द और खुजली से राहत मिलती है| बर्फ रगड़ने से सूजन वाले स्थान पर रक्त प्रवाह धीमा और सुन्न हो जाता है, जिससे लम्बे समय तक दर्द से राहत मिलती है|

आम के बीज से बवासीर का इलाज (Treatment of Bawaseer from Mango Seeds in Hindi)

आंतरिक और खूनी बवासीर दोनों के इलाज के लिए आम के बीज बहुत उपयोगी है| आम के बीज में उत्तेजना, दर्द, सूजन और खुजली को कम करने का गुण पाया जाता है| बवासीर रोगियों को रोजाना दिन में दो बार शहद में आम के बीज का पाउडर मिलाकर चाटना चाहिए| यह नुस्खा रोजाना अपनाने से बवासीर रोग धीरे धीरे दूर हो जायेगा|

बवासीर के उपचार में मूली लाभकारी (Radish To Treat Bawaseer In Hindi)

अगर आप बवासीर के उपचार का घरेलू नुस्खा खोज रहे है, तो मूली सबसे अच्छा विकल्प है| बवासीर को अधिक बिगड़ने से रोकने और बवासीर से बचने के लिए मूली का सेवन सबसे अच्छा और सस्ता विकल्प है| मूली आसानी से और कम दामों में भी मार्किट में मिल जाती है| मूली के इस फायदे को देखते हुए ही, अधिकतर बवासीर रोगी मूली का सेवन करते है| मूली के आधा गिलास रस में एक चुटकी नमक डालकर रोजाना दिन में दो बार पीने से बवासीर रोग में बहुत फायदा होता है| बवासीर के दर्द और सूजन को कम करने के लिए गुदा के आसपास मूली के पेस्ट में शहद मिलाकर लगाए|

जिमीकंद बवासीर के उपचार में लाभकारी (Jimikand Benefits for Bawaseer in Hindi)

जिमीकंद एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है| इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल बवासीर के उपचार में किया जाता है| जिमीकंद के सेवन से पाचन प्रक्रिया सुचारु रूप से काम करती है और कब्ज जैसी पेट से जुडी बीमारियां दूर होती है| अगर आप बिना दवा के बवासीर का इलाज घर पर करना चाहते है, तो रोजाना कुछ दिनों तक 5 ग्राम जिमीकंद पाउडर का सेवन छाछ के साथ करे|

लहसुन से करे बवासीर का बचाव (Garlic for Bawaseer Treatment in Hindi)

लहसुन दर्दनाक और पुरानी से पुरानी बवासीर के उपचार में सहायक है| लहसुन में अनेक प्रकार के कसैले और विरोधी बैक्टीरियल गुण पाए जाते है, जिसके कारण लहसुन में सूजन और दर्द को कम करने की क्षमता होती है| लहसुन का सेवन करने से पेट साफ होता है, जिससे पेट से जुडी कब्ज जैसी प्रॉब्लम नहीं होती| लहसुन का सेवन करने से रोगाणु भी ख़त्म हो जाते है| ऐसे में बवासीर रोगियों के लिए लहसुन का सेवन किसी वरदान से कम नहीं| लहसुन की एक से दो कलियाँ रोजाना कच्ची चबाकर खाये और आप इसे कच्चा नहीं खा सकते, तो इसे सब्जी में डालकर खाये| यह सर्दी से बचाव करता है, इसीलिए लोग सर्दियों में इसका खूब सेवन करते है|

बवासीर के उपचार में अरंडी का तेल लाभकारी (Castor oil Beneficial for Bawaseer in Hindi)

अरंडी का तेल भी बवासीर के उपचार में लाभकारी है| बवासीर के उपचार के साथ ही यह मल को नरम बनाने का काम करता है, जिसके कारण मल त्यागने में तकलीफ नहीं होती और कब्ज जैसी पेट से जुडी बीमारियों से छुटकारा मिलता है| बवासीर के दर्द को कम करने के लिए रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में एक चम्मच अरंडी का तेल मिलाकर सेवन करे| यह दूध पीने से गुदा क्षेत्र में नसों पर दवाब कम होता है, जिसके कारण दर्द से राहत मिलती है|

ईसबगोल बवासीर की आयुर्वेदिक इलाज (Ayurvedic treatment of Isabgol Bawasir)

ईसबगोल का सेवन बवासीर रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है| ईसबगोल में बड़ी मात्रा में घुलनशील फाइबर पाया जाता है| रोजाना सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध या पानी में ईसबगोल की एक चम्मच मिलाकर पियें| ईसबगोल के सेवन से मल त्यागते समय दर्द कम होता है और शौच की प्रक्रिया भी आसान हो जाती है|

एलोवेरा से करे बवासीर का इलाज (Bawaseer Treatment for Aloe Vera in Hindi)

एलोवेरा एक घरेलू जड़ी बूटी है| इसके इस्तेमाल से बवासीर सहित अनेक कई प्रकार के रोग ठीक हो जाते है| एलोवेरा में दर्द, जलन और सूजन को कम करने के गुण पाए जाते है| एलोवेरा में रेचक गुण पाए जाते है| अपने रेचक गुणों के कारण ही एलोवरा आंतो के कार्यो को आसान बनाने और कब्ज जैसी पेट से जुडी बीमारियों को दूर करने का काम करता है| बवासीर के इलाज के लिए रोजाना दिन में तीन बार एलोवेरा जूस का सेवन करे|

सूखे अंजीर का सेवन बवासीर के इलाज में (Dried Figs in The Treatment of Bawaseer in Hindi)

सूखे अंजीर का सेवन बवासीर के इलाज में काफी असरकारी है| अगर आप बिना दवा बवासीर का इलाज करना चाहती है, तो रोजाना अंजीर का सेवन करे| रात को सोने से पहले कुछ सूखे अंजीर को पीने के साफ़ पानी में भिगोकर रख दे| अगले दिन सुबह खाली पेट इन अंजीर को चबाकर खाये| रोजाना करीब एक महीने तक रोजाना ऐसा करने से आपको चमत्कारी असर नजर आएगा|

तिल के बीज करे बवासीर से बचाव (Sesame Seeds Benefits for Bawaseer in Hindi)

आयुर्वेद के अनुसार तिल के बीजो में बवासीर से बचाव और इलाज के गुण पाए जाते है| यह मल को नरम बनाता है और पाचन किर्या को सुधारता है| जिसके कारण कोलन सफाई प्रक्रिया के दौरान दर्द कम होता है| तिल के बीज दर्द, सूजन और गुदा क्षेत्र में खुजली की उत्तेजना को कम कर देते है| तिल के बीजो को पानी में डालकर उबाले| जब ये अच्छी तरह उबल जाये, तब इन्हे पानी से निकालकर इनका बारीक़ पेस्ट बना ले| अब इस पेस्ट में मक्खन मिलाकर रोजाना सेवन करे|

बवासीर के उपचार में हरीतकी के लाभ (Haritaki Benefits for Bawaseer in Hindi)

सुखी और खुनी दोनों प्रकार की बवासीर के उपचार में हरीतकी आयुर्वेदिक जड़ीबूटी का काम करती है| हरीतकी को बवासीर के इलाज की आयुर्वेदिक दवा भी माना जाता है| हरीतकी के सेवन से पाचन तंत्र उत्तेजित होता है, जिससे पेट से जुडी बीमारियों से राहत मिलती है| हरीतकी के सेवन से शौच के समय होने वाला रक्तस्त्राव नहीं होता और साथ ही दर्द और सूजन भी कम हो जाती है| रोजाना दिन में तीन बार हरीतकी पाउडर को दूध के साथ लिया जा सकता है|

बेर फल बवासीर के इलाज की आयुर्वेदिक दवा (Ber Fruit Benefits for Bawaseer in Hindi)

बेर फल में पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाने, सूजन को कम करने और पेट से जुड़े रोगो को दूर करने के गुण पाए जाते है| बेर फल पाचन तंत्र के लिए टेनिन का काम करता है| यह पाचन तंत्र में हमला करने वाले हानिकारक आक्रमणकारियों को मारने का काम करता है| बेर फल के सेवन से मल त्यागने में आसानी होती है, और दर्द भी कम होता है, इसीलिए रोजाना बेल फल का सेवन करना चाहिए|

सेब के सिरके से करे बवासीर का इलाज (Apple Cider Vinegar for Bawaseer Bawaseer in Hindi)

बवासीर के इलाज के लिए सेब के सिरके का इस्तेमाल भी लाभकारी है| रुई को सेब के सिरके में डुबोकर बवासीर से प्रवावित स्थान पर लगाए| इसे लगाने से काफी आराम मिलेगा| सेब का सिरका लगाने से कुछ समय तक जलन होती है, लेकिन यह दर्द और खुजली से तुरंत राहत प्रदान करता है| सेब के सिरके का इस प्रकार उपयोग केवल बाहरी बवासीर होने पर करे| अंदरूनी बवासीर होने पर पानी में एक चम्मच सिरका मिलाकर पियें| इसके इस्तेमाल से मल त्यागने के समय निकलने वाला रक्तस्त्राव भी बंद हो जायेगा|

इस पोस्ट में आपने बवासीर का इलाज घर पर कैसे करे / Bawaseer Treatment at Home in Hindi इसके बारे में जाना| इस पोस्ट में हमने आपको ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में बताया जो बवासीर के इलाज में कारगर है| ये घरेलू चीजे आसानी से मार्किट में मिल जाती है और शरीर पर इनका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता| अगर आपके पास भी ऐसा कोई घरेलू नुस्खा है, जो बवासीर के इलाज में उपयोगी है, तो हमें जरूर बताये| पोस्ट के बारे में अपना कोई भी सवाल पूछने के लिए हमें कमेंट करे| कमेंट करके के लिए पोस्ट के निचे बने कमेंट बॉक्स को भरे|

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