Anxiety Disorder (चिंता) के लक्षण, कारण और इलाज : Anxiety Disorder Treatment in Hindi

चिंता के लक्षण (Anxiety Symptoms & Treatment in Hindi)

एंग्जायटी मीनिंग (Anxiety Meaning in Hindi) : एंग्ज़ायटी अटैक (Anxiety Disorders) को हिंदी में कई लोग मानसिक व्यग्रता के नाम से भी जानते है| यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमे व्यक्ति को बहुत डर लगता है और बेचैनी होती है| एंग्ज़ायटी अटैक अचानक आता है, लेकिन इसके आने का कारण किसी परिस्थिति के बारे में सोचना या कुछ होने से डर लगना होता है, जैसे कुछ लोगो को जॉब के लिए इंटरव्यू देते समय डर लगता है या कई बार कुछ लोगो से बात करने में डर लगता है|

Anxiety Disorder in Hindi

 

एंग्ज़ायटी अटैक एक ऐसी समस्या है, जिसका सामना हर कोई अपनी लाइफ में कभी ना कभी करता है| एंग्ज़ायटी अटैक आने पर हाथ पाँव ठंडे पड़ने लगते है, बहुत अधिक बेचैनी होने लगती है, कई बार तो व्यक्ति का ब्लड प्रेशर भी कम हो जाता है| एंग्ज़ायटी अटैक केवल कुछ समय के लिए आता है, और जब एंग्ज़ायटी अटैक का कारण बनने वाले दौर से गुजर जाते है, तब यह समस्या अपने आप ही खत्म हो जाती है|

 

कुछ लोग ऐसे होते है, जो अधिक चिंता करते है, ऐसे लोग चिंता संबंधी विकार (Anxiety Disorders) का परमानेंट शिकार हो जाते है| इसके कारण उसके जीवन में अनेक प्रकार की परेशानियां आने लगती है, जिसके कारण वे अपना जीवन सामान्य तरीके से व्यतीत करने में असमर्थ महसूस करते है| एनज़ाइटी से ग्रसित लोगो को हमेशा चिंता और तनाव का सामना करना पड़ता है|

चिंता के प्रकार (Types of Anxiety in Hindi)

सामान्यीकृत चिंता विकार – एंग्‍जायटी अटैक के इस प्रकार में व्यक्ति बिना किसी कारण के चिंता अधिक करता है| इसका निदान उस समय कराया चाहता है, जब किसी कारण से व्यक्ति को 6 महीने से अधिक समय चिंता में व्यतीत करना पड़ता है|

पैनिक विकार – एंग्‍जायटी के इस प्रकार में व्यक्ति को जो अटैक आता है, उसे पैनिक अटैक कहते है| पैनिक अटैक के कारण व्यक्ति को चिंता और डर का अधिक सामना करना पड़ता है| पैनिक अटैक आने पर व्यक्ति में घबराहट, साँस लेने में परेशानी होना, छाती में दर्द और दिल की धड़कनो का अनियमित होना जैसे लक्षण नजर आते है| किसी अन्य प्रकार की एंग्‍जायटी होने पर भी पैनिक अटैक आ सकता है, और यह अटैक किसी भी समय आ सकता है|

फोबिया – यह भी एंग्‍जायटी का ही प्रकार है| फोबिया में व्यक्ति को ऊंचाइयों या किसी स्थान से डर लगता है| ऐसा होने पर व्यक्ति में ऊंचाइयों या उस स्थान से बचने की इच्छा तीव्र हो जाती है|

जुनूनी बाध्यकारी विकार – यह भी एंग्‍जायटी का प्रकार है, शार्ट में इसे OCD कहते है| OCD से ग्रसित व्यक्ति किसी कार्य को बार बार करने की इच्छा रखते है, जैसे बार बार सफाई करना, बार बार हाथ धोना, बार बार किसी के बारे में पूछना|

पोस्ट-ट्रोमैटिक तनाव विकार – यह भी एंग्‍जायटी का प्रकार है| इस प्रकार का विकार तब होता है, जब आपको किसी दर्दनाक अनुभव का सामना करना पड़ता है| इसके लक्षण दर्दनाक अनुभव करते समय या उसके कुछ समय बाद नजर आने लगते है|

सामाजिक चिंता विकार – यह भी एंग्‍जायटी का ही प्रकार है| सामाजिक चिंता विकार में व्यक्ति खुद को शर्मिंदा और अकेला अनुभव करता है| इसमें व्यक्ति को हमेशा दुसरो से अपमानित होने का भय और अनेक प्रकार की सामाजिक परिस्थितियों का सामना करने में डर लगने लगता है|

चिंता के लक्षण (Anxiety Symptoms in Hindi)

  • सांस लेने में परेशानी होना
  • नींद से जुडी परेशानियां
  • पाचन से जुडी परेशानियां होना
  • स्थिर रहने में अक्षमता
  • घबराहट होना
  • पैरो और हाथो का ठंडा पड़ जाना
  • मुँह का सूखा सूखा रहना
  • श्वास लेने की किर्या तेज होना
  • शांत रहने में असमर्थता
  • पसीना अधिक आना
  • चक्कर आना
  • जी मिचलाना
  • डर लगने के साथ बेचैनी होना
  • मांसपेशियों में ऐंठन
  • सुस्ती के साथ कमजोरी आना

चिंता के कारण (Anxiety Causes in Hindi)

एंजाइटी किस कारण से होती है, अभी तक इसके कारण का सही पता नहीं लगाया जा सका| अन्य प्रकार के Mental disorders की तरह एंग्ज़ायटी अटैक भी कई चीजों के संयोजन के कारण होती है| इसमें तनाव, मौसम में बदलाव और मस्तिष्क में परिवर्तन जैसी स्थति संभव है| एक शोध के अनुसार यह बात भी सामने आयी है, कि जो लोग अधिक शक करते है, उनमे चिंता और मानसिक विकार जैसी प्रॉब्लम होना सामान्य है|

चिंता अगर जरुरत से अधिक की जाये और यह आपकी जीवनशैली पर असर डालने लगे, तो यह एक विकार का रूप ले लेती है| एक तरह से देखा जाये, तो चिंता करना एक सामान्य किर्या है, जो सभी करते है, परन्तु जरूरत से अधिक चिंता करने पर चिंता विकार का रूप ले लेती है| ऐसे लोगो को किसी भी चीज से बहुत अधिक डर लगता है, जिसके कारण इन्हे बहुत अधिक चिंता होती है|

चिंता के जोखिम कारक (Anxiety Risk Factors in Hindi)

1. जिन लोगो ने अपने जीवनकाल में किसी दर्दनाक घटना या किसी आघात का सामना किया होता है, उन लोगो में चिंता विकार (Anxiety Disorder) होने का जोखिम बढ़ जाता है|

2. जो लोग अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन करते है, या ड्रग्स लेते है, उनमे चिंता विकार होने का जोखिम का खतरा बढ़ जाता है|

3. जिन लोगो को गंभीर बीमारी रहती है, वे लोग उस बीमारी के बारे में सोचकर अधिक चिंतित रहते है, जिसके कारण उन्हें चिंता विकार (Anxiety Disorder) के जोखिम का सामना करना पड़ता है|

4. कुछ लोगो का व्यक्तित्व ऐसा होता है, कि वे बिना किसी कारण बात बात पर क्रोधित हो जाते है और बहुत अधिक चिंता करने लगते है, ऐसे लोग व्यक्तित्व के लोगो में भी चिंता विकार (Anxiety Disorder) होने का जोखिम बढ़ जाता है|

5. जिन लोगो के परिवार में कोई मौत होती है, या जो लोग नौकरी या किसी अन्य कार्य के चलते तनाव में रहते है, इन लोगो में भी चिंता विकार (Anxiety Disorder) होने का जोखिम बढ़ जाता है|

चिंता से बचाव (Prevention of Anxiety in Hindi)

1. डायरी लिखना एक अच्छी आदत है और इस आदत को अपनाकर आप चिंता जैसे मानसिक विकार से भी खुद को बचा सकते है| जब भी आप चिंता करे, अपने चिंता के कारणों को डायरी पर लिखे| लिखने से आपका ध्यान केंद्रित होगा, जिससे आप चिंता के कारणों को धीरे धीरे भूलने लगेंगे|

2. कम नींद लेने के कारण तनाव और चिंता बढ़ जाती है, जिसके कारण एंग्ज़ायटी अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है| अगर आप एंग्ज़ायटी अटैक से बचना चाहते है, एक दिन में कम से कम 8 से 9 घंटे की नींद ले|

3. अगर आप चिंता विकार से बचना चाहते है, तो अंदर ही घुटकर ना रहे, सुबह शाम बाहर जाने की आदत डाले| बाहर जाकर अपने आस पास की नकारात्मक चीजे देखे| ऐसे करने से आप नकारात्मक चीजों को स्वीकारेंगे, जिससे आपको नकारात्मक चीजों को दूर करने में मदद करेगी|

4. योग व्यायाम का एक अच्छा प्रकार है और व्यायाम से आप सभी प्रकार के चिंता विकारों से बच सकते है और खुद को पूरी तरह स्वस्थ रख सकते है| सुबह का समय योग के लिए सबसे अच्छा समय है|

5. चिंता विकार से बचने के लिए हमेशा सकारात्मक सोचे, और साथ ही आने वाली नकारात्मक परिस्थितियों से लड़ने के लिए भी खुद को तैयार रखे| अगर आपसे कुछ गलत हो जाये, तो इसके लिए चिंता ना करे| खुद को ये समझाए, कि ये आपके किसी गलत निर्णय का परिणाम है|

6. हम क्या और कैसा खाते है, इसका पूरा असर हमारे स्वास्थ्य और हमारे मूड पर पड़ता है| आपका नाश्ता हमेशा हेवी और पोषक तत्वों से युक्त होना चाहिए| एक साथ कभी भी अधिक भोजन ना करे, भोजन का थोड़ी थोड़ी देर में थोड़ी थोड़ी मात्रा में सेवन करे| ऐसा करने से रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा स्थिर रहती है और मूड भी अच्छा रहता है|

7. एंग्जायटी डिसऑर्डर से बचने के लिए ऐसा काम करे, जिसे करने में आपको मजा आया या जो करने का आपको शौक हो| अपने शौक के काम को करने से आप अपनी सभी चिंताओं को भूल जाओगे|

8. शराब, सिगरेट, गुटका, निकोटिन और ड्रग्स आदि नशीली चीजों की गन्दी आदत के कारण भी मानसिक व्यग्रता होने की सम्भावना बढ़ जाती है| ऐसे में अगर आप मानसिक व्यग्रता से बचना चाहते है, तो इन नशीली चीजों की गन्दी लत को छोड़ दे|

9. एंग्जायटी डिसऑर्डर से बचने के लिए ऐसा काम करे, जिसे करने में आपको मजा आया या जो करने का आपको शौक हो| अपने शौक के काम को करने से आप अपनी सभी चिंताओं को भूल जाओगे|

चिंता का इलाज (Anxiety Disorder Treatment in Hindi)

Anxiety Disorder का इलाज संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी, दवा और मनोचिकित्सा के माध्यम से किया जा सकता है| Anxiety Disorder का इलाज परमानेंट किया जाना चाहिए| अधिकतर इसका इलाज सफल होता है, इसके सफल इलाज के लिए दो प्रक्रियाओं का संयोजन किया जाता है|

कई प्रकार की एंटीडिप्रेसेंट दवाएं चिंता विकार (Anxiety Disorder) के उपचार में इस्तेमाल की जाती है| मनोचिकित्सा में एक डक्टर आपको आपके चिंता विकार के बारे में समझाता है और आपको इससे निपटने में मदद करने में सहायक है| संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी में आपको अपने चिंता विकार होने के कारणों की पहचान कराई जाती है|

चिंता की जटिलताएं (Anxiety Disorder Complications in Hindi)

  • मानसिक स्वास्थ्य विकार
  • आत्महत्या की सोच
  • अनिद्रा
  • सिरदर्द
  • तनाव
  • पाचन से जुडी परेशानी

चिंता विकार में परहेज

1. कॉफी का सेवन करने से शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ता है, जिससे चिंता के लक्षण महसूस . होते है, इसीलिए चिंता विकार होने पर कॉफी का सेवन ना करे|

2. मीठे पदार्थ चिंता विकार के लक्षण बढ़ा देते है, इसीलिए मीठे पदार्थ का इस समय पर सेवन ना करे|

3. शराब, सिगरेट और गुटका तम्बाकू जैसी नशीली चीजों का सेवन करने से चिंता विकार के लक्षण गंभीर हो जाते है, इसीलिए चिंता विकार से बचने के लिए इन चीजों से दूर रहे|

चिंता विकार में क्या खाएं –

  • साबुत अनाज से बने आहार
  • एंटीऑक्सीडें, प्रोबायोटिक और ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ
  • ताजे फल और हरी सब्जियां
  • विटामिन बी युक्त खाद्य पदार्थ
  • चॉकलेट्स
  • मैग्नीशियम युक्त आहार
  • समुद्री भोजन
  • बादाम

इस पोस्ट में हमने आपको चिंता के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में बताया| आपको मानसिक व्यग्रता इनफार्मेशन से जुडी हमारी ये पोस्ट कैसी लगी, हमें कमेंट करके बताये| कमेंट करने के लिए पोस्ट के निचे बने कमेंट बॉक्स को फॉलो करे|

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